सिवनी में चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध होने के बावजूद इसकी अवैध बिक्री और इस्तेमाल लगातार जारी है। इसका खामियाजा आम लोगों के साथ-साथ बेजुबान पक्षियों को भी भुगतना पड़ रहा है। सिवनी शहर की जज कॉलोनी में चाइनीज मांझे में फंसने से एक दुर्लभ उल्लू गंभीर रूप से घायल हो गया। चाइनीज मांझे में उलझा हुआ मिला उल्लू जानकारी के अनुसार, जज कॉलोनी के पास एक पेड़ पर उल्लू चाइनीज मांझे में उलझा हुआ मिला। स्थानीय लोगों ने किसी तरह उसे पकड़कर मांझा हटाया, लेकिन तब तक मांझे से उसका एक पंख बुरी तरह कट चुका था। पंख कटने के कारण उल्लू अब उड़ने में असमर्थ है। घायल उल्लू को वन विभाग के हवाले कर दिया गया है। चाइनीज मांझे से कटा उल्लू का पंख बताया जा रहा है कि यह उल्लू ‘बर्न आउल’ प्रजाति का है, जिसे दुर्लभ पक्षियों की श्रेणी में रखा जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि संभवतः रात के समय उड़ते हुए वह पेड़ पर फंसे पतंग के चाइनीज मांझे में उलझ गया। फड़फड़ाने के दौरान धारदार मांझा उसके शरीर में और कसता चला गया, जिससे पंख कट गया। डॉक्टरों के अनुसार, उल्लू को पूरी तरह ठीक होने के लिए सर्जरी की जरूरत है, लेकिन जिले में पक्षियों के इलाज के लिए न तो कोई शासकीय शेल्टर होम है और न ही पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं। चाइनीज मांझे की चपेट में आकर कई लोग हुए घायल यह पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले चाइनीज मांझे से आमिर अंसारी नामक युवक के गले में गहरा घाव हो गया था। वहीं, एक स्कूली बच्चा भी मांझे की चपेट में आकर घायल हो चुका है। इन घटनाओं के बावजूद चाइनीज मांझा बेचने और इस्तेमाल करने वालों पर कोई सख्त कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में इससे बड़ी और जानलेवा घटनाएं हो सकती हैं। चाइनीज मांझा बेचने वालों पर कार्रवाई की मांग नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध रूप से चाइनीज मांझा बेचने वालों और इसका उपयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि इंसानों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


