सिवनी जिले के बंडोल थाना अंतर्गत जबलपुर-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर श्रीवनी फिल्टर प्लांट के पास वाहनों का आवागमन 5 घंटे तक बाधित करने के मामले में 300 लोगों पर पुलिस ने FIR दर्ज की है। दरअसल, 26 दिसंबर को पेंच परियोजना की नहर में पानी की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों ने धरना दिया था। इस दौरान एनएच पर चक्काजाम किए जाने के कारण आमजनों को कई घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा था। पुलिस अब मामले की जांच में करने में जुट गई है। बंडोल थाना प्रभारी श्रीचंद मरावी ने बताया कि 5 लोगों पर नामजद, जबकि अज्ञात लोगों पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा- बीते गुरुवार को पेंच परियोजना की नहर में पानी की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों ने धरना दिया था। इस आंदोलन के दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों ने कुछ घंटे तक हाईवे में चक्काजाम कर दिया था। इस वजह से हजारों वाहनों में सवार यात्रियों और चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। किसानों ने बंडोल पुलिस थाना में दी गई सूचना में धरना प्रदर्शन की सूचना दी थी, जिसमें चक्काजाम को लेकर बात नहीं कही गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-44 में चक्काजाम किए जाने के कारण आमजनों को कई घंटों तक परेशान होना पड़ा था। वाहनों के पहिए रुकने से राष्ट्रीय राजमार्ग में लंबा जाम लग गया था। जिसमें फंसे सैकड़ों वाहन कई घंटों बाद अपने गंतव्य पर पहुंच सके थे। विरोध प्रदर्शन के दौरान की गई वीडियो रिकार्डिंग का फुटेज खंगाल कर पुलिस उपद्रवी तत्वों की पहचान कर रही है। पेंच नहर शाखा डी-4 में कार्य पूर्ण कर बंडोल के कलारबांकी क्षेत्र में पानी देने की मांग पर आक्रोशित किया था।किसानों व क्षेत्रवासियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग में श्रीवनी फिल्टर प्लांट के पास चकाजाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की समझाइश के बाद लोग हाईवे से हटने तैयार नहीं हुए थे। इससे आवाजाही पूरी तरह बाधित रहा। महिलाएं भी हाथों में अलग-अलग स्लोगन लिखी तख्तियों को हाथों में रखकर हाईवे पर बैठ गई। कई घंटे तक नारेबाजी और धरना प्रदर्शन के बाद जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के लिखित आश्वासन पर प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन खत्म कर दिया था।


