कलक्ट्रेट परिसर में शनिवार को 63वां सिविल डिफेंस स्थापना दिवस सरल और गरिमामय तरीके से मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलक्टर (भू-अ.) रामचंद्र खटीक ने की। इस मौके पर सिविल डिफेंस टीम के सदस्यों ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। गृह मंत्री का संदेश पढ़ा गया समारोह की शुरुआत में एडीएम रामचंद्र खटीक ने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए संदेश का वाचन किया। इस संदेश में आपदा प्रबंधन में सिविल डिफेंस की भूमिका को जरूरी बताया गया और पूरे देश में कार्यरत स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना की गई। एडीएम खटीक ने बताया— क्यों जरूरी है सिविल डिफेंस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडीएम खटीक ने कहा कि सिविल डिफेंस का मुख्य उद्देश्य आपदा, दुर्घटना या किसी भी आकस्मिक घटना के समय तुरंत मदद पहुंचाना है, ताकि मानव क्षति को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसी उद्देश्य से सिविल डिफेंस की स्थापना की थी, और आज यह टीम आम जनता की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रही है। जिले की टीम साबित हो रही है मजबूत एडीएम खटीक ने बताया कि चित्तौड़गढ़ जिले में सिविल डिफेंस की एक सशक्त और प्रशिक्षित टीम मौजूद है। पिछले दिनों अतिवृष्टि के दौरान, तथा सामान्य दिनों में भी, टीम के सदस्यों ने कई घटनाओं में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की। उनकी तत्परता के कारण कई लोगों की जान बचाई जा सकी। उन्होंने कहा कि यह टीम प्रशासन के लिए हमेशा भरोसेमंद साबित हुई है। स्वयंसेवकों का सम्मान, कलेक्टर के निर्देश पर हुआ कार्यक्रम उन्होंने बताया कि स्थापना दिवस के अवसर पर जिले में कार्यरत सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार किया गया, ताकि टीम के सदस्यों का मनोबल बढ़े और वे भविष्य में भी इसी तरह तत्परता से कार्य करते रहें। अधिकारी व कर्मचारी रहे उपस्थित इस कार्यक्रम में विवेक व्यास, सहायक प्रशासनिक अधिकारी मोनिका खाब्या, कनिष्ठ लेखाधिकारी राहुल शर्मा, पवन पारशर, वरिष्ठ सहायक सचिन मीना, कनिष्ठ सहायक चिंतन शर्मा, कैलाश वैष्णव सहित सिविल डिफेंस टीम के सभी सदस्य मौजूद रहे। सभी ने मिलकर सिविल डिफेंस दिवस को उत्साह और सम्मान के माहौल में मनाया।


