सिविल सेवा परीक्षा 2025:कुल 958 उम्मीदवार सफल, टॉप-25 में 11 महिलाएं, राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री देश के टॉपर

सीमित संसाधन, बड़ा मुकाम: पोस्टमास्टर-टेलर मास्टर की बेटियां बनीं अफसर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित किया। राजस्थान के रावतभाटा के रहने वाले डॉ. अनुज अग्निहोत्री टॉपर रहे हैं। अनुज अभी दिल्ली और यूटी सिविल सेवा में एसडीएम हैं। दूसरे स्थान पर तमिलनाडु की राजेश्वरी सुवे एम और तीसरे स्थान पर हरियाणा के आकांश ढुल रहे। इस बार टॉप-25 में 11 लड़कियां व 14 पुरुष हैं। टॉप-5 में एक लड़की है। अनुज व आकांश तीसरे, राजेश्वरी पांचवें अटेम्प्ट में सफल हुई हैं। जोधपुर एम्स से एमबीबीएस अनुज का वैकल्पिक विषय मेडिकल साइंस, चेन्नई के अन्ना विवि से बीई राजेश्वरी का सोशियोलॉजी रहा। आकांश दिल्ली विवि से बीकॉम हैं, कॉमर्स-अकाउंटेंसी वैकल्पिक विषय था। झारखंड के दर्जनभर से अधिक अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है, जिनमें से दो अभ्यर्थी टॉप-50 में शामिल हैं। इनमें कई ऐसे युवा हैं जो साधारण परिवारों से आते हैं, किसी के पिता पोस्टमास्टर हैं तो किसी के पिता टेलरिंग का काम करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद इन अभ्यर्थियों ने मेहनत, धैर्य और दृढ़ संकल्प के दम पर यह उपलब्धि दर्ज की है। 3 साल बाजार-पार्टी से दूर; कॉपी में लिखते थे- अनुज IAS-2026
अनुज के पिता केबी अग्निहोत्री रावतभाटा परमाणु बिजलीघर में वैज्ञानिक सहायक और मां मंजू हाउस वाइफ हैं। पिता बताते हैं- अनुज अपनी कॉपी में अक्सर लिखता था- ‘अनुज IAS-2026।’ अनुज ने भास्कर से अपने सक्सेस मंत्र साझा किए-
1. आत्मविश्वास: मेडिकल में प्रवेश लेते ही आईएएस बनने का लक्ष्य रखा और मेहनत की।
2. समय: तैयारी में टाइम मैनेजमेंट अहम है। अनुज तीन साल से न किसी शादी समारोह में गए, न ही बाजार। खाने-पीने का टाइम भी फिक्स रखा। ताकि फोकस पढ़ाई पर रहे।
3. धैर्य: यूपीएससी लंबी प्रक्रिया है, उतार-चढ़ाव आते हैं। इस बार सफलता नहीं मिलती तो अगले दिन से तैयारी शुरू कर देता। ‘मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।’ सक्सेस मंत्र: बड़ा सपना… उसे पूरा करने का जुनून जरूरी
दुमका: घर में रह कर ऑनलाइन पढ़ाई की, तीसरे प्रयास में मिल गई सफलता
दुमका में रहकर ही इंटरनेट और ऑनलाइन कंटेंट के सहारे तैयारी की। यह मेरा तीसरा प्रयास था। पहले प्रयास में प्रिलिम्स भी नहीं निकाल पाई थी। दूसरे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंची। तीसरे प्रयास में पिछली गलतियों को नहीं दोहराई। 41वीं रैंक मिली है।
बोकारो: दिल्ली में एसीपी रहते हुए जारी रखी तैयारी, सफलता मिली
मैं वर्तमान में दिल्ली में सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के पद पर कार्यरत हूं। नौकरी के साथ तैयारी करना आसान नहीं था, लेकिन लक्ष्य स्पष्ट था इसलिए पढ़ाई जारी रखी। दूसरी बार परीक्षा पास करते हुए यह सफलता मिली।
बोकारो: इंजीनियरिंग के बाद शुरू की तैयारी, पहले प्रयास में सफल डीपीएस बोकारो से 12वीं करने के बाद मैंने बीआईटी मेसरा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान ही तय कर लिया था कि सिविल सेवा में जाना है, इसलिए उसी दिशा में तैयारी शुरू कर दी।
साहिबगंज: पिता टेलर मास्टर हैं, तीसरे प्रयास में यूपीएससी क्रैक
सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने पढ़ाई में पूरा सहयोग दिया। दो बार असफल होने के बाद भी मैंने हार नहीं मानी और लगातार कड़ी मेहनत करती रही। आखिरकार तीसरे प्रयास में यूपीएससी को क्रैक कर पाई।
रिजर्व सूची में उम्मीदवार बढ़ रहे, इस बार 258 को शामिल किया … इस बार 258 उम्मीदवारों की कंसोलिडेटेड रिजर्व लिस्ट है। इन्हें तब मौका मिलता है जब मुख्य सूची के उम्मीदवार जॉइन नहीं करते, दस्तावेज सत्यापन में समस्या आती है या पद खाली रह जाते हैं। चार वर्षों में रिजर्व लिस्ट बढ़ी है। वर्ष 2022 में 178, 2023 में 240 और 2024 में 230 नाम इस लिस्ट में थे।

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