सीएम ने अवकाश डिमांड पर कल समीक्षा करने का दिया आश्वासन

यूनिवर्सिटी शिक्षक अवकाश में कटौती और विंटर वेकेशन 2024 से लागू करने को लेकर आंदोलन चला रहे हैं। इसके तहत राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षक काला बिल्ला लगाकर एकेडमिक कार्य कर रहे हैं। अवकाश कटौती का विरोध और विंटर वेकेशन के सपोर्ट में 10 हजार छात्रों-शिक्षकों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिसे शनिवार को मुख्यमंत्री ऑफिस में सौंप दिया गया। फोन पर शिक्षक नेता डॉ. अशोक कुमार नाग से सीएम हेमंत सोरेन की बात हुई। सीएम ने अवकाश से संबंधित डिमांड पर सोमवार को समीक्षा करने का आश्वासन दिया है। झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों के लिए राजभवन द्वारा यूनिफॉर्म अवकाश कैलेंडर-2025 तैयार कर लिया गया है। इसमें विंटर वेकेशन शामिल करने का विवि शिक्षकों ने स्वागत किया है। कहा है कि विंटर वेकेशन अगले साल से क्यों, 2024 से ही दिया जाए। यूनिवर्सिटी और सरकारी स्टाफ की छुट्टियां लगभग बराबर हैं। ऐसी स्थिति में सरकारी स्टाफ की तरह ईएल और सीएएल दिया जाए। सरकारी स्टाफ को वर्ष में 33 ईएल और 16 सीएल मिलता है। जबकि, यूनिवर्सिटी शिक्षकों को वर्ष में सिर्फ 12 ईएल और आठ सीएल मिलता है। इतना ही नहीं पड़ोसी राज्यों में समर वेकेशन एक माह का है। झारखंड यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (जुटान) के संयोजक कंजीव लोचन ने विंटर ब्रेक इसी वर्ष से लागू करने की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है।

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