जिला कांगड़ा के पंजाब सीमा से सटे सीमावर्ती इलाके इंदौरा के ‘इंदौरा उत्सव-2025’ का समापन मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ‘एंटी-चिट्टा वाकाथॉन’ को हरी झंडी दिखाकर नशा मुक्ति जन-आंदोलन की शुरुआत की। उत्सव की थीम ‘संस्कृति संरक्षण और नशा मुक्ति’ रही। इसमें स्थानीय लोक कलाओं का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान इस उत्सव को जिला स्तरीय घोषित किया गया मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टे नाम की इस बीमारी को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा। वाकाथॉन में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल, स्वस्थ युवा निर्माण’ के नारे लगाए। इंदौरा जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में चिट्टा तस्करी एक बड़ी समस्या है। हिमाचल पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में कांगड़ा जिले में 150 किलो से अधिक चिट्टा बरामद हुआ। इसमें इंदौरा सबसे संवेदनशील क्षेत्र रहा। लोक कलाओं ने किया मंत्र मुग्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौरा उत्सव लोक कला, नृत्य और संगीत का जीवंत प्रतीक है। इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने आयोजकों के प्रबंधन की सराहना की। कार्यक्रम में हिमाचली नाटी, गड्डी लोक नृत्य और कांगड़ी गीतों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वन मित्रों से किया संवाद मुख्यमंत्री ने वन मित्रों से भी सीधा संवाद किया और पर्यावरण रक्षा में उनके योगदान को अमूल्य बताया। उन्होंने कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है। इंदौरा के घने जंगलों में वन मित्रों ने हाल ही में 20 अवैध कटाई के मामलों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। युवकों ने लिया नशा छोड़ने का संकल्प इस दौरान हजारों युवाओं ने ‘नशा छोड़ो, खेल जोड़ो’ का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने इंदौरा के लिए सड़क, बिजली और पर्यटन योजनाओं की घोषणाओं को दोहराया। उत्सव के आयोजकों और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया। इस उत्सव को इंदौरा को नशा मुक्त और सांस्कृतिक केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


