आप के सेंट्रल हलका प्रभारी नितिन कोहली ने ‘जालंधर पढ़ाओ मुहिम’ आरंभ की है। वीरवार को सीएम लोक-मिलणी के लिए जालंधर में अपने आवास पहुंचे। इस दौरान नितिन कोहली ने उन्हें मुहिम से जुड़ी स्टेशनरी की कापी सीएम को भेंट की है। शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है। वेस्ट विधानसभा में सड़क, सीवरेज, सफाई, लाइटों से जुड़े विकास कार्यों के मुद्दे पर अतुल भगत और साथियों ने सीएम के सामने बात रखी। भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर में लोक मिलनी समारोह के दौरान वीरवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जनता की समस्याएं सुनीं। वह अपने कैंप ऑफिस में पहुंचे थे। इसमें डीसी डॉ. हिमांशू अग्रवाल सहित तमाम विभागों के अफसरों को बुलाया गया था। जैसे-जैसे लोग समस्याएं लेकर आ रहे थे, मौके पर ही सीएम मान संबंधित अफसरों को दिशानिर्देश जारी कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक मिलनियां एक ही प्लेटफॉर्म पर लोगों की शिकायतों का निपटारा करने और सुचारू शासन संबंधी जनता से फीडबैक लेने के लिए सबसे बेहतरीन तरीकों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि देश भर में शायद ही कहीं ऐसी नागरिक-केंद्रित पहल देखने को मिले। उन्होंने कहा कि देश भर में ऐसा कोई अन्य राज्य नहीं है जो आम जनता की भलाई के लिए ऐसी लोक-केंद्रित पहल कर रहा हो। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज के हर वर्ग की शिकायतों के निपटारे में अधिक लाभदायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोक मिलनी वास्तव में एक अनोखी पहल है जहां सरकार लोगों की समस्याओं के योजनाबद्ध समाधान के लिए उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क करती है। शौर्य ग्रींस के लोगों ने रखे अपने मुद्दे शौर्य ग्रींस रेजीडेंट्स वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को एक लिखित पत्र सौंपते हुए समस्याओं के समाधान की मांग की। डेलीगेशन ने बताया कि शौर्य ग्रींस में लगभग 400 परिवारों के करीब 2000 निवासी रह रहे हैं, लेकिन वर्षों बाद भी प्रोजेक्ट की कई बुनियादी सुविधाएं अधूरी हैं। प्रधान पीवीएस परमार, जनरल सेक्रेटरी राकेश बहल, डॉ. सुखदीप सिंह, डॉ. अमरजीत सिंह, गुरजीत सिंह, अरुण कपूर और सुखविंदर कौर सहित अन्य शामिल रहे। लैंड एनहांसमेंट व एनसीएफ का मुद्दा उठा जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट अपनी कॉलोनियों को लोगों को लैंड एनहांसमेंट चार्जेज देने के लिए नोटिस जारी कर रहा है। दूसरी समस्या नॉन कंस्ट्रक्शन फीस की है। ये फीस कई गुना बढ़ाई गई है। रेलवे स्टेशन के पीछे सूर्या एनक्लेव का इलाका सर्वाधिक प्रभावित है। यहां की वेलफेयर सोसायटी के प्रधान राजीव धमीजा ने कहा कि लैंड इन्हासमैंट फीस का मामला पिछले 10-15 वर्षों से लंबित है। इससे सैकड़ों परिवार आर्थिक व मानसिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। रिटायरमेंट के बाद लोगों ने प्लाट खरीदे, अब ट्रस्ट वर्षों पहले बेचे प्लाटों की कीमत के रूप में अतिरिक्त पैसा ब्यास सहित मांग रहा है। ये गलत है।डेलीगेशन में गुलशन अग्रवाल, शिव कुमार तुली एवं मनिंदर पाल भाटिया शामिल रहे।


