सीएम बोले-नए भारत के लिए प्रगति पोर्टल बना गेम चेंजर:कहा- छत्तीसगढ़ के 200 मुद्दों में 183 का समाधान, मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस हो रहा साकार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किया गया प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म नए भारत की नई कार्य संस्कृति का सशक्त उदाहरण है। यह प्लेटफॉर्म मिनिमम गवर्नमेंट–मैक्सिमम गवर्नेंस की सोच को जमीन पर उतार रहा है और योजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद कर रहा है। मुख्यमंत्री गुरुवार को रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में प्रगति पोर्टल को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में प्रगति पोर्टल की भूमिका बेहद अहम है। 85 लाख करोड़ की 3,300 से ज्यादा परियोजनाओं को मिली रफ्तार सीएम साय ने बताया कि प्रगति पोर्टल के जरिए अब तक 85 लाख करोड़ रुपए से अधिक लागत की 3,300 से ज्यादा परियोजनाओं को गति दी जा चुकी है। प्रधानमंत्री स्वयं केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करते हैं। अब तक 50 से अधिक उच्चस्तरीय बैठकों के जरिए लंबित परियोजनाओं और आम लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया है। केंद्र-राज्य के बीच मजबूत सेतु बना प्रगति मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगति प्लेटफॉर्म केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय और तालमेल का मजबूत माध्यम बनकर उभरा है। पहले कई परियोजनाएं शिलान्यास के बाद वर्षों तक लंबित रहती थी, लेकिन अब तय समय-सीमा में काम पूरा हो रहा है और जवाबदेही तय की जा रही है। छत्तीसगढ़ में 99 राष्ट्रीय परियोजनाएं, 6.11 लाख करोड़ का निवेश मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में इस समय 99 राष्ट्रीय अवसंरचना परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें 6.11 लाख करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है। इनमें से 50 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष पर काम जारी है। प्रगति पोर्टल पर छत्तीसगढ़ से जुड़े 200 मुद्दे दर्ज किए गए थे, जिनमें से 183 का समाधान किया जा चुका है। इस तरह राज्य की समाधान दर 91 प्रतिशत से अधिक रही है। इन सेक्टरों में सुलझी बड़ी अड़चनें सीएम साय ने बताया कि पावर सेक्टर में 24, सड़क परिवहन और राजमार्ग में 23, रेलवे में 14, कोयला सेक्टर में 7, स्टील सेक्टर में 9 परियोजनाओं की समस्याओं का समाधान प्रगति के जरिए किया गया है। भिलाई स्टील प्लांट के आधुनिकीकरण, लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट और रायपुर-कोडेबोड़ फोरलेन जैसी वर्षों से अटकी परियोजनाओं को भी प्रगति पोर्टल से गति मिली है। विकास का रोडमैप है प्रगति मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार विकास कार्यों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रगति जैसे नवाचारों की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी सराहना की है और इसे विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए प्रभावी मॉडल बताया है। सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री जब विकसित भारत की बात करते हैं, तो वह केवल एक सपना नहीं, बल्कि स्पष्ट रोडमैप होता है और प्रगति प्लेटफॉर्म इसका सबसे मजबूत प्रमाण है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *