सीएम बोले- हमारी संस्कृति में जीवन मूल्यों की महत्ता:भोपाल में भास्कर इंडस्ट्री एक्सीलेंस अवाॅर्ड में उद्यमियों का हुआ सम्मान

भोपाल में बुधवार को भास्कर इंडस्ट्री एक्सीलेंस अवॉर्ड-2025 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. माेहन यादव ने उद्यमियों का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि पहले कम्युनिस्ट मानसिकता थी। उद्योग के मामले में उनकी बहुत बुरी सोच थी। एक उद्योग एक साथ कई परिवारों को पालता है। एक छोटी दुकान संभालने में कई तरह के कष्ट आते हैं और उद्योगपतियों के साथ तो कितने सारे परिवार जुड़े होते हैं। सीएम ने कहा- हमारा दर्शन सरकार आधारित नहीं बल्कि समाज आधारित रहा है। हम अपनी इंडस्ट्री के भरोसे से देश की प्रगति देखते हैं। आज से सैकड़ों साल पहले युद्ध से धन कमाते थे। लक्ष्मी की शुद्धि का सात्विक भाव है। अगर भास्कर ने एक्सीलेंस अवॉर्ड दिया तो ये सूर्य का पुरस्कार है। सरकार का काम अकेले सड़क, बिजली और पानी की चिंता करना नहीं है। हमारी संस्कृति में धन और धनपति की महत्ता है। इससे बढ़कर जीवन मूल्यों की महत्ता है। हमारे यहां इसलिए धर्मार्थ चिकित्सालय चलते थे। हिंदी में धर्मशाला कहते हैं और जब ये नाम आता है तो कमाने का भाव खत्म हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा- प्रदेश के 9 करोड़ लोगों के जीवन की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। हर सेक्टर में काम कर रहे। एक मॉडल 1947 में था। जिसमें बड़े रोजगार खोलकर बड़े लोगों को काम दिया गया। इंदौर-उज्जैन में कॉटन मील शुरू हुई तो उनमें नेतागिरी शुरू हो गई। हमने 5 हजार करोड़ की देनदारी चुका दी। ये हमारी वचनबद्धता है। तस्वीरों में देखिए उद्यमियों का सम्मान MSME पॉलिसी में कई बड़े बदलाव किए गए कोर्टयार्ड मैरियट होटल में आयोजित कार्यक्रम में उद्योग विभाग के पीएस राघवेंद्र सिंह ने कहा- ग्लोबल इंडस्ट्री समिट के पहले सरकार ने 18 पॉलिसी लागू की। एफडीआई को प्रमोट करने के लिए सरकार काम कर रही है। एक्सपोर्ट को प्रमोट करने के लिए सब्सिडी देने का निर्णय किया। एमपी का समेकित विकास हो इसलिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीजनल इंडस्ट्री समिट का आयोजन किया। नई पॉलिसी में कस्टमाइज पैकेज की बात कही है। स्किल डेवलपमेंट पर सपोर्ट की बात कही है। सरकार का प्रयास है कि बाबई मोहासा इलाके की पहचान रिन्युएबल एनर्जी केपिटल के रूप में दुनिया में हो। MSME पॉलिसी में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। ये पूरे देश की सबसे बेहतर पॉलिसी है। हमको परफेक्शन पर इम्प्रूवमेंट करने की जरूरत है। पहली बार सर्कुलर इकोनॉमी को प्रमोट करने का काम शुरू किया है। पिछले सवा साल में MSME सेक्टर की देनदारियां शून्य कर दी हैं। पिछले एक साल में MSME और इंडस्ट्री सेक्टर को मिलाकर 5260 इंसेटिव डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए दिए हैं। ग्रोथ को रफ्तार देने वाले उद्यमियों को सम्मानित किया दैनिक भास्कर के सीओओ सुमित मोदी ने कहा- मध्यप्रदेश की ग्रोथ को रफ्तार देने वाले उद्यमियों को सम्मानित किया है। भास्कर यही चाहता है कि आत्मनिर्भर एमपी बनाने में योगदान देने वालों को मुख्यमंत्री जी से सम्मान दिलाएं। हमने आपको प्रोत्साहित करने का प्रयास किया है। सरकार तो अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। हम भी इसमें योगदान देना चाहते हैं। सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाता है नो नेगेटिव मंडे दैनिक भास्कर के स्टेट एडिटर सतीश सिंह ने कहा- दैनिक भास्कर का नो नेगेटिव मंडे सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाता है। हमने पहले पेज पर एक पॉजिटिव न्यूज को स्थान दिया। जीआईएस में भास्कर ने सरकार के साथ कदम बढ़ाते हुए साथ दिया।

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