पीएपी कॉम्प्लेक्स में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप बांटने को लेकर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सीएम भगवंत मान ने ‘मिशन रंगला पंजाब’ के तहत 2.70 लाख एससी विद्यार्थियों को 271 करोड़ की स्कॉलरशिप वितरित की। बाद में सीएम ने खुद छात्रों को छात्रवृत्ति के चेक सौंपे और पिछली सरकारों को घेरा। उन्होंने खासकर 2017 से 2020 के कार्यकाल की सरकारों की आलोचना की। उस समय स्कॉलरशिप के नाम पर घोटाले हुए, जिससे न जनता का पैसा लूटा, बल्कि गरीब छात्रों के रोल नंबर और डिग्रियां रोकी गईं। उन्होंने अफसोस जताया कि तत्कालीन विभागीय मंत्रियों ने अपनी ही बिरादरी के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। मान ने कहा, जहां पिछली सरकारें अपने बेटों और दामादों के राजनीतिक भविष्य की चिंता करती थीं, वहीं हमारी सरकार पंजाब के बच्चों के भविष्य को संवारने में जुटी है। घोटालों को खत्म करने के लिए ‘डॉ. अंबेडकर पोर्टल’ पारदर्शी व्यवस्था लेकर आए हैं और बायो-ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य किया गया। उन्होंने कहा कि ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ गांव-गांव में खुल रही लाइब्रेरी और शिक्षकों की ट्रेनिंग का ही परिणाम है कि आज सरकारी स्कूलों के बच्चे जेईई और नीट जैसी बड़ी परीक्षाएं पास कर रहे हैं। अब तक 63000 युवाओं को नौकरियां दी गई हैं।


