सीकर में रिनोवेशन के नाम पर आंगनबाड़ी केंद्र शिफ्ट किया:10 महीने बाद भी काम अधूरा, बच्चे व गर्भवती महिलाएं परेशान

सीकर की ग्राम पंचायत खाचरियावास ने आंगनबाड़ी केन्द्र-1 को एक माह के लिए मरम्मत के नाम पर दूसरी जगह शिफ्ट करवाया था। लेकिन अब करीब 10 माह बीत जाने के बाद भी मरम्मत का कार्य अधूरा पड़ा हैं। आंगनबाड़ी केंद्र में कई वर्षों से सामुदायिक भवन, रामधुनी बालाजी मंदिर के पास संचालित था, लेकिन ग्राम पंचायत ने फरवरी माह में एक माह के लिए मरम्मत के नाम पर केन्द्र को राजकीय प्राथमिक विद्यालय (गणगौरी चौक) के एक छोटे कमरे में शिफ्ट कर दिया। कार्यकर्ता मंजू और सहायिका अनिता देवी ने बताया- केन्द्र दूसरी जगह शिफ्ट करने से बच्चें भी नहीं आ रहे और गर्भवती महिलाएं भी पोषाहार के लिए 2-2 महीने से नहीं आ रही। जिससे पोषाहार आंगनबाड़ी केंद्र पर पड़ा रहता है। उन्होंने बताया- आंगनबाड़ी केंद्र में वर्तमान में 7 माह से 3 वर्ष के 90 बच्चे, 3 से 6 वर्ष के 12 बच्चे तथा 25 गर्भवती व 25 धात्री महिलाएं पंजीकृत हैं जिनको परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इस मामले में ग्राम पंचायत को प्रत्येक जनसुनवाई में बार-बार लिखित व मौखिक अवगत करवाने के बाद भी आश्वासन ही दिया जा रहा है। लेकिन केंद्र वापस शिफ्ट नहीं किया गया और मरम्मत कार्य अधूरा व बंद पड़ा है। इधर, राजकीय प्राथमिक विद्यालय के जिस कमरे में वर्तमान में केन्द्र शिफ्ट है उसमें बीएलओ बैठते हैं, इसलिए प्रधानाचार्य द्वारा भी जल्द खाली करवाने का दबाव बनाया जा रहा है। बोले-पुरानी लोकेशन दिखा रहा मैप कार्यकर्ता मंजू देवी ने कहा- गर्भवती महिलाओं को दूर-दराज से बुलाकर पोषाहार देना पड़ रहा है। विभागीय पोषण ट्रेकर पर 10 गर्भवती, 6 धात्री महिलाएं ही अपलोड है बाकी बच्चों की डिटेल अभी भी पोर्टल पर अपलोड नहीं हो रही है। आंगनबाड़ी केन्द्र की लोकेशन पुरानी शो हो रही है। सुपरवाइजर मंजू चौधरी ने बताया- ग्राम पंचायत और सरपंच को कई समस्या के बारे में अवगत करवाया जा चुका है। पोर्टल अपडेट करने में भी बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन लगातार आश्वासन ही दिया जा रहा है। ग्रामीण हसन खान ने बताया- आंगनबाड़ी केन्द्र दूसरी जगह शिफ्ट करने से गर्भवती, धात्री महिलाएं पोषाहार लेने के लिए केंद्र पर नहीं जा रही है। वहीं केन्द्र शिफ्ट होने से पंजीकृत बच्चों को आने-जाने में परेशानी होती है, इसलिए बच्चों के अभिभावक उन्हें केन्द्र पर नहीं भेज पाते। ,

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