सीकर नगर परिषद में UDH राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सीकर शहर के 28.43 करोड़ रूपए के विकास कार्याें का शिलान्यास व लोकार्पण किया। राज्यमंत्री खर्रा ने कहा कि नागरिक सेवा केंद्र खुलने से निर्माण स्वीकृति, भूखंड पट्टे, भूखंड विभाजन-एकीकरण के लिए शहरवासियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लाइन(4.5 MLD), 3.84 करोड़ की लागत से बाल भवन, 26.42 लाख की लागत से विभिन्न CC सड़कें, BT सड़कें, नाला-नाली आदि का निर्माण व मरम्मत, 84.96 लाख की लागत से सीटी, पीटी व पिंक टॉयलेट, 27.87 लाख की लागत से वेस्ट-टू-वेल्थ पार्क तोदी नगर और 5.15 करोड़ के लिगेसी वेस्ट निस्तारण यंत्र का शिलान्यास किया। राज्यमंत्री ने 6.71 करोड़ से बने मैकेनिकल ट्रांसफर स्टेशन, 10.25 करोड़ रुपए से सीसी सड़कें, बीटी सड़कें, नाला-नाली निर्माण व मरम्मत, 1.06 करोड़ रुपए की लागत से बने 5 पिंक टॉयलेट का लोकार्पण किया। इसके साथ ही कार्यक्रम में नागरिक सुविधा केंद्र व ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का भी उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा, पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी, ADM रतन लाल, नगरपरिषद कमिश्नर शशिकांत शर्मा, UIT सेक्रेटरी जेपी गौड़ समेत कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे। UDH राज्यमंत्री खर्रा ने कहा कि 2018 से 2023 के दौरान नगर निकायों की संपत्तियों की बंदरबांट करके पट्टे जारी कर दिए गए, इसलिए सीकर में सरकारी आवासीय कॉलोनी आवंटन नहीं हो सका। कई जगह मुकदमे दर्ज हुए और पट्टे भी खारिज किए गए। अब प्रदेश सरकार ने कई जगह निकायों का सीमा विस्तार किया है। अब सरकारी भूमियों का नामांतरण होने के बाद जरूरत के हिसाब से रेंजीडेशियल और कॉमर्शियल योजना विकसित करेंगे। UDH राज्यमंत्री खर्रा ने कहा कि 1973-74 से अतिक्रमण की समस्या उत्पन्न हुई, जब तत्कालीन केंद्र व राज्य सरकार ने सरकारी जमीनों की बंदरबांट के आदेश दे दिए। उसके बाद धीरे-धीरे लोगों के मन में हो गया कि सरकारी जमीन को खुर्द-बुर्द करके पट्टे बांटने आसान हैं। फिर लोगों ने सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण शुरू कर दिया। लेकिन अब सरकार रोज अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने को लेकर सरकार प्रयास कर रही है। पिछले दिनों नगर परिषद के निरीक्षण को लेकर प्रभारी मंत्री की नाराजगी से जुड़े मामलों का जवाब उन्हें(प्रभारी मंत्री को) भिजवा दिया गया है।


