भास्कर न्यूज | अमृतसर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने सीकेडी प्रधान डा. इंद्रबीर सिंह निज्जर और उनकी टीम को 5 जनवरी को श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होने की हिदायत दी है। डॉ. निज्जर को पेश होकर लिखित तौर से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि सीकेडी के 500 से ज्यादा सदस्यों में से कितने अमृतधारी तथा कितने गैर अमृतधारी हैं। कितने सदस्यों ने अमृतपान किया है। जत्थेदार ने कहा कि डॉ. निज्जर और उनकी टीम को 1 सितंबर 2025 को इस संदर्भ में श्री अकाल तख्त साहिब पर जानकारी संबंधी लिस्ट सौंपने की हिदायत दी गई थी लेकिन डॉ. निज्जर ने इसमें असमर्थता जताई थी। अब 5 जनवरी को उन्हें लिस्ट जमा करवाने का अंतिम मौका दिया जाता है। सीकेडी के जवाब से खफा जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि सीकेडी ने बीते अगस्त में श्री अकाल तख्त साहिब को भेजे जवाब में कहा था कि समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों का यह पता लगाना मुमकिन नहीं है कि 500 में से कितने सदस्यों ने अमृतपान किया है कितनों ने नहीं। बकौल जत्थेदार गड़गज्ज, यह सिंह साहिबान का काम नहीं है कि सीकेडी दफ्तर जाकर गिनती कर चैक करें कि कितने सदस्यों ने अमृतपान कर लिया है। यह प्रधान डॉ. निज्जर का काम है तथा उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के अनुसार 5 जनवरी को लिस्ट देनी होगी। सीकेडी के ही संविधान के अनुसार समस्त सदस्यों का अमृतधारी होना अनिवार्य है यानि जो भी सिख इस संस्था का सदस्य बनना चाहता है कि उसे अमृतपान करना ही होगा। जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की शहीदी शताब्दी से संबंधित मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध का मामला श्री अकाल तख्त साहिब के विचाराधीन है। जल्द ही उन्हें तलब किया जाएगा। गौरतलब है कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की शहीदी शताब्दी को समर्पित पंजाब सरकार द्वारा आपत्तिजनक होर्डिंग्स लगाए गए थे जिसमें जारीकर्त्ता के रुप में सौंध का नाम दर्ज था। इसलिए 21 नवंबर को उन्हें अकाल तख्त पर स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया गया था लेकिन व्यस्तताओं के चलते वह अभी तक पेश नहीं हो पाए हैं।


