सीटीएई : विकसित होंगे नए कृषि यंत्र, कुलगुरु बोले- कम लागत और अधिक मुनाफा देने वाली तकनीक पर फोकस

कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग (सीटीएई) में किसानों की जरूरत के अनुसार नए कृषि यंत्र विकसित किए जाएंगे। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) के कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने गुरुवार को सीटीएई स्थित फार्म मशीनरी एवं पावर विभाग के फार्म मशीनरी परीक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि कृषि यंत्र ऐसे होने चाहिए, जो खेती को सरल बनाएं, लागत घटाएं और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हों। उन्होंने विभाग में विकसित किए जा रहे नवीन कृषि यंत्रों की प्रगति की समीक्षा की और आधुनिक परीक्षण उपकरणों का अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों और शोधार्थियों की विशेष टीमें गठित कर आसपास के गांवों में सर्वे कराया जाए। टीमें किसानों से सीधे संवाद कर उनकी प्रमुख आवश्यकताओं की पहचान करें और उसी आधार पर कम लागत, उपयोग में आसान तथा प्रभावी कृषि यंत्रों की डिजाइन और विकास किया जाए। इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और किसानों को आवश्यकता-आधारित तकनीकी समाधान मिल सकेंगे। कुलगुरु ने बताया कि भविष्य में कृषि यंत्र निर्माताओं के साथ एमओयू किए जाएंगे, ताकि उद्योग और विश्वविद्यालय के सहयोग से किसानों के लिए नवाचारी मशीनें विकसित की जा सकें। कॉलेज में विकसित हो रहे ये कृषि यंत्र सीटीएई के वैज्ञानिक वर्तमान में बैटरी चालित बीज मसाला एवं स्वीट कॉर्न बुवाई यंत्र, मेहंदी फसल के लिए कटाई यंत्र तथा बीज मसाला फसलों के लिए थ्रेशर सहित कई नवीन कृषि यंत्र विकसित कर रहे हैं। ये यंत्र स्थानीय परिस्थितियों और किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे हैं।

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