सीधी जिले के कलेक्ट्रेट में लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. डीके द्विवेदी को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। मामला एक चपरासी सुखलाल कोल से जुड़ा है, जो सुखवारी छात्रावास में पदस्थ था। उनका ट्रांसफर अमरबाह कर दिया गया था, जो उनके घर से काफी दूर है। रिटायरमेंट के समय नजदीक होने के कारण, सुखलाल ने ट्रांसफर रुकवाने के लिए सहायक आयुक्त से गुहार लगाई। इस पर डॉ. द्विवेदी ने 20 हजार रुपए की मांग की। सुखलाल पहले ही 15 हजार रुपए दे चुके थे और आज बाकी 5 हजार रुपए देने आए थे। 15 सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई लोकायुक्त डीएसपी प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम ने शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की। टीम ने कलेक्टर कार्यालय के दूसरे मंजिल पर स्थित आदिवासी विकास विभाग के चैंबर में छापा मारा, जहां सहायक आयुक्त को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। वर्तमान में कार्रवाई सर्किट हाउस में जारी है। ट्रांसफर रुकवाने के लिए मांगी थी रिश्वत चपरासी सुखलाल कोल ने बताया है कि मैं सुखवारी मे लगभग 25 साल से चपरासी के पद पर छात्रावास में पदस्थ था। मेरा ट्रांसफर अमरबाह कर दिया था, जो मेरे घर से काफी दूर था। मेरा अब रिटायरमेंट का समय आ रहा है। इसके लिए मैंने उनसे कहा कि मैं इतनी दूर नहीं जा पाऊंगा। तब सहायक आयुक्त डॉ डीके द्विवेदी ने मुझे 20 हजार रुपए की मांग की। ट्रांसपोर्ट रुकवाने के लिए मैं 15 हजार एक सप्ताह पहले दे दिए थे। लेकिन अब फिर से 5 हजार देने के लिए आज गया हुआ था जिसके बाद यह कार्यवाही हुई।


