देश में प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को मापदंड पूरा किए बिना ही मान्यता देने का बड़ा खेल चल रहा है। मोटी रकम लेकर निरीक्षण करने वाली टीम फर्जी रिपोर्ट बनाकर मान्यता दिला रही है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधकों से मोटी रकम वसूल की जा रही है। वहीं पैसों का पूरा लेन-देन हवाला के माध्यम से हो रहा है। सीबीआई ने इस पर बड़ा एक्शन लेते हुए तीन डॉक्टरों समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी समेत कॉलेज प्रबंधक व उनसे जुड़े 35 लोगों पर अपराध पंजीबद्ध किया गया है। इस एफआईआर में रायपुर से श्री रविशंकर महाराज उर्फ श्री रावतपुरा सरकार, अंबेडकर अस्पताल के सीनियर डॉक्टर अतिन कुंडू और रिटायर्ड आईएफएस व रेरा अध्यक्ष संजय शुक्ला भी शामिल हैं। सीबीआई की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि नेशलन हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. जीतू लाल मीणा ने मान्यता देने के लिए देशभर के मेडिकल कॉलेजों से मोटी रकम ली है। उन्होंने एक कॉलेज प्रबंधक से 75 लाख रुपए लिया। पैसों को राजस्थान के ठेकेदार भीकालाल को हवाला कराया। फिर राजस्थान में भव्य मंदिर का निर्माण कराया है। इसी तरह एनएचए के अधिकारियों ने विशाखापट्टनम के गायत्री मेडिकल कॉलेज को एनएमसी की मान्यता दिलाने के लिए 2.5 करोड़ की रिश्वत ली है। विशाखापट्टनम से पैसा दिल्ली हवाला किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी चंदन कुमार ने मंत्रालय की गोपनीय जानकारी उदयपुर के गीतांजलि यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार मयूर रावल को दी है।
रावतपुरा कॉलेज की सीट बढ़ाने दी गई रिश्वत
नवा रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च कॉलेज को पिछले साल 150 सीटों की मान्यता मिली है। वहां पहली बैच की पढ़ाई चल रही है। प्रबंधन ने 100 सीट और बढ़ाने के लिए अर्जी दी थी। इसलिए एनएमसी की टीम निरीक्षण करने के लिए रायपुर आई थी। टीम को सीट बढ़ाने और पॉजिटिव रिपोर्ट बनाने के लिए रिश्वत दी गई। इस कॉलेज में श्री रविशंकर महाराज चेयरमैन हैं। यहां रेरा अध्यक्ष और रिटायर आईएफएस संजय शुक्ला में ट्रस्टी और अंबेडकर अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. अतिन कुंडू और अतुल तिवारी निदेशक हैं। लक्ष्मीनारायण चंद्राकर अकाउंटेंट हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने डीएमई और डीन को किया तलब: सीबीआई की कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रायपुर मेडिकल कॉलेज के डीन और डीएमई को तलब किया था। दोनों से सीबीआई की कार्रवाई की जानकारी ली। डॉ. कुंडू के संबंध में भी स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी ली और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। केंद्र के ये अधिकारी भी आरोपी {जीतू लाल मीणा, संयुक्त निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण {पूनम मीणा, स्वास्थ्य मंत्रालय की अधिकारी {धरमवीर, स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी {पीयूष माल्याण, सेक्शन ऑफिसर, स्वास्थ्य मंत्रालय {अनूप जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी {राहुल श्रीवास्तव, स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी {चंदन कुमार, स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी {दीपक, स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी {मनीषा, स्वास्थ्य मंत्रालय की अधिकारी। इनके खिलाफ भी एफआईआर श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च रायपुर के अलावा इसी कॉलेज के चेयरमैन श्री रविशंकर महाराज, रिटायर्ड आईएफएस संजय शुक्ला, डॉ. अतिन कुंडू, निदेशक अतुल तिवारी, अकाउंटेंट लक्ष्मीनारायण चंद्राकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा देश के अन्य मेडिकल संस्थानों से मयूर रावल (उदयपुर), डॉ. मंजप्पा सीएन (मुंबई), डॉ. बी हरि प्रसाद (आंध्रप्रदेश), डॉ. अंकम रामबाबू (हैदराबाद), डॉ. कृष्णा किशोर (विशाखापट्टनम),फादर जोसेफ कोम्मारेड्डी।
(वारंगल), शिवानी अग्रवाल (मेरठ), स्वामी भक्तवत्सदाजी (गुजरात), एनएमसी निरीक्षण दल के सदस्य डॉ. सतीश, डॉ. चैत्रा, डॉ. पी रजनी रेड्डी और डॉ. अशोक शेलके के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। पीसीआई चेयरमैन मोंटू पटेल के बंगले पर रेड फार्मेसी और मेडिकल कॉलेजों को फर्जी मान्यता देने के आरोपों की जांच कर रही सीबीआई ने पीसीआई के चेयरमैन मोंटू पटेल के गुजरात स्थित बंगले पर छापा मारा। छापेमारी उस व्यापक घोटाले का हिस्सा है, जिसमें बिना योग्यता वाले फार्मेसी कॉलेजों को रिश्वत लेकर मान्यता देने व नियुक्तियों में फर्जीवाड़े के आरोप शामिल हैं ।


