सीमेंट प्लांट का विरोध कर रहे ग्रामीणों पर लाठीचार्ज:लोगों ने पथराव किया, खेत में आग लगाई; बेनीवाल ने लिखा-एसपी ने कंपनी से पैसे लिए

नागौर के सरासनी गांव में सीमेंट प्लांट का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ा। इस दौरान कई लोगों के चोटें आई है। जानकारी के अनुसार सरासनी और हरिमा क्षेत्र में प्रस्तावित जेएसडब्ल्यू सीमेंट कंपनी के प्लांट के विरोध में किसान धरना दे रहे थे। बुधवार को अधिग्रहण की कार्रवाई के दौरान किसान और पुलिस आमने-सामने हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिसकर्मियों ने बल प्रयोग किया। गौरतलब है कि सीमेंट कंपनी की ओर से हरिमा, सरासनी आदि गांवों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है। इसके विरोध में स्थानीय किसान 134 दिन से धरना दे रहे थे‌। सुबह धरना दे रहे किसानों को हटाने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। किसानों ने विरोध किया और पत्थर फेंके। इस पर पुलिस ने बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़ा। इस दौरान ग्रामीणों ने एक खेत में आग लगा दी। घटना के बाद सरासनी गांव में भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। फिलहाल स्थिति तनाव पूर्ण बनी हुई है। मौके पर पुलिस के आला अधिकारी मौजूद है। बेनीवाल ने लिखा- एसपी ने काम शुरू करवाने का ठेका लिया
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने एसपी पर कंपनी से रुपए लेने का आरोप लगाया है। बेनीवाल ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट लिखा- नागौर जिले में सरासनी गांव की सरहद पर विगत काफी दिनों से JSW सीमेंट कंपनी की मनमर्जी के विरुद्ध किसान लोकतांत्रिक रूप से धरने पर बैठे हैं। आंदोलित किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने कई बार जिला प्रशासन को लिखित में अपनी मांगों से अवगत करवाते हुए सकारात्मक समाधान निकलवाने की मांग की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला गया। अभी भारी संख्या में पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर जिला पुलिस अधीक्षक नागौर और जिला प्रशासन के कई अधिकारियों और सत्ता में बैठे कई दलालों के इशारे पर लाठीचार्ज किया गया है। इससे दलित महिलाओं सहित कई वर्गों के लोगो को चोटें आई हैं। किसानों के हितों का संरक्षण करने के स्थान पर एक निजी कंपनी के हित में आपकी पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने जो लाठीचार्ज करने जैसा जो कदम उठाया है, वो निंदनीय है। पुलिस के ऐसे कृत्य का लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने लिखा- विश्वनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नागौर के जिला पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन के कई अफसरों ने सत्ता में बैठे कुछ दलाल प्रवृति के नेताओं के साथ मिलकर JSW कंपनी से 1 करोड़ रुपए लेकर किसानों का धरना हटाते हुए कंपनी का कार्य शुरू कराने का ठेका लिया है। चूंकि पुलिस प्रशासन में बैठे अफसरों का दायित्व सत्ता में सक्षम स्तर पर वार्ता करके किसी भी आंदोलन का सकारात्मक हल निकालने का होता है, मगर नागौर जिले में एसपी और कई अधिकारी यहां के उन नेताओं के नक्शे कदम पर चलने लग गए जो सीमेंट कम्पनियों की कई वर्षों से दलाली करने में लगे हुए है। दो दिनों में बाद मैं स्वयं राजस्थान आते ही नागौर पहुंचकर आंदोलित किसानों के साथ बैठकर इस आंदोलन को किसानों की मांगे नहीं माने जाने तक आगे बढ़ाने के संदर्भ में विस्तृत चर्चा करूंगा और JSW कंपनी के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ेंगे। आरएलपी कार्यकर्ताओं से भी आह्वान करता हूं कि आगामी दिनों में इस कंपनी के खिलाफ बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहें। किसानों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कार्मिकों के खिलाफ कार्यवाही करवाने और किसानों के हक में लड़ाई लड़ने के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सदैव किसानों के साथ खड़ी है। जनहित के लिए RLP सड़क पर सत्ता के खिलाफ लोकतांत्रिक रूप से मजबूती से लड़ाई लड़ेगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *