पानी प्रदूषण और सीवरेज लाइनों में बिना उपचारित अपशिष्ट जल के निष्कर्षण के खिलाफ जारी अभियान के तहत पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने फोकल प्वाइंट क्षेत्र में कई औद्योगिक इकाइयों और सीवरेज लाइनों का औचक निरीक्षण किया। पीपीसीबी की टीम ने फोकल प्वाइंट क्षेत्र, फेज-4 स्थित निम्नलिखित औद्योगिक इकाइयों साईं एंटरप्राइजेज (इलेक्ट्रोप्लेटिंग), अशमीत एंटरप्राइजेज (इलेक्ट्रोप्लेटिंग), प्लेटवेल इंडस्ट्रीज (इलेक्ट्रोप्लेटिंग), एएन फिनिशिंग (इलेक्ट्रोप्लेटिंग), राजा राम एंड सन्स (एसिड व्यापारी व ऑटो पार्ट्स निर्माता), नवभारत इंडस्ट्रीज (इलेक्ट्रोप्लेटिंग) का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बोर्ड ने कई गंभीर उल्लंघन पाए। बोर्ड द्वारा दी गई जानकारी मुताबिक संयुक्त निरीक्षण एवं रिपोर्टिंग टीम को रिकॉर्ड प्रस्तुत करने में विफलता, पीपीसीबी से आवश्यक अनुमति लिए बिना इकाई संचालन, जल मीटर रीडिंग समेत आवश्यक रिकॉर्ड का अभाव, फर्श पर एसिड का रिसाव, जिससे पर्यावरण और कर्मचारियों की सेहत को खतरा, अपशिष्ट जल में अत्यधिक अम्लता (पीएच स्तर 2) की पुष्टि होना पाया गया है।
इसके अलाव सीवरेज लाइनों का तड़के किया निरीक्षण भी किया गया था। इस दौरान पीपीसीबी की आरओ-1 टीम ने नगर निगम लुधियाना के अधिकारियों के साथ मिलकर सुबह विभिन्न सीवरेज लाइनों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान शिंगार सिनेमा डिस्पोजल 225 एमएलडी एसटीपी मुख्य आउटलेट का निरीक्षण किया गया था, हालांकि यहां पर कोई रंगीन अपशिष्ट नहीं पाया गया। इसके अलावा फोकल पॉइंट फेज 5 में मुख्य सीवरेज लाइन में पीले रंग का पानी बहता पाया गया। जांच में पाया गया कि इसका स्रोत मून लाइट इंडस्ट्री है, वहां से पीपीसीबी ने सैंपल लेकर प्रयोगशाला परीक्षण हेतु एकत्र किया गया। इसी तरह वीर पैलेस मुख्य लाइन कंगारू फेज 4 एवं रीगल ब्लू साइड यहां भी कोई रंगीन अपशिष्ट नहीं पाया गया। पीपीसीबी ने कहा कि बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन इकाइयों में अनियमितताएं पाई गई हैं, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, नोटिस जारी करना और आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई शामिल है। साथ ही, प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पीपीसीबी ने दोहराया कि वह पर्यावरणीय नियमों के कड़ाई से पालन और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


