सीसीएफ के खिलाफ 4 साल बाद केस दर्ज:महिला वनकर्मियों ने की थी उत्पीड़न और छेड़छाड़ की शिकायत

मध्य प्रदेश के बैतूल वन वृत्त में महिला वनकर्मियों के उत्पीड़न और छेड़छाड़ के बहुचर्चित मामले में मंगलवार को गंज थाने में आरोपी मोहन लाल मीणा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। यह मामला वर्ष 2021 से चर्चा में था, जब तत्कालीन सीसीएफ (प्रधान मुख्य वन संरक्षक) के पद पर पदस्थ रहे मीणा पर महिला फॉरेस्ट गार्डों ने गंभीर आरोप लगाए थे। महिला वनकर्मियों ने कार्यस्थल पर उत्पीड़न के अलावा फोन पर घर बुलाने, फील्ड में अकेले साथ चलने के लिए दबाव बनाने की शिकायतें प्रमुख सचिव वन और वन बल प्रमुख से लिखित शिकायतें की थी। मीना फिलहाल वन मुख्यालय में APCCF निगरानी और मूल्यांकन के पद पर तैनात है। दो दल को जांच के लिए भेजा गया था प्रमुख सचिव वन ने शिकायतों को गम्भीरता से लिया और दो अलग-अलग जांच दल बनाकर बैतूल भेजा था। जांच दलों ने पुलिस की सहायता से आरोपों के आधार पर सीडीआर की कॉपी निकाली और उसके साथ किसी 24 पेज का जांच प्रतिवेदन 2021 में ही वन बल प्रमुख को सौंप दिया था। बयान के बाद केस दर्ज जिसके बाद तात्कालीन सीसीएफ मोहन लाल मीणा को बैतूल में निलंबित कर भोपाल भेज दिया था। हालांकि, भोपाल से जांच दल रिपोर्ट के आधार पर मोहन लाल मीणा के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज नहीं करवाया गया था। लगातार शिकायतों के बाद आईएफएस मोहन के खिलाफ गंज थाने में महिला वनकर्मी के पहले बयान दर्ज हुए, इसके आधार पर आज गंज थाने में मोहन लाल मीणा के खिलाफ 354 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

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