भास्कर न्यूज|गिरिडीह सीसीएल क्षेत्र के बनियाडीह एरिया में अवैध खदानों से कोयला खनन तो हो रही रहा है, इसके अलावा ओपेनकास्ट व कबरीबाद कोल माइंस से निकाले जा रहे कोयले की भी चोरी हो रही है। एक साथ चोरों के झुंड को देख को देख तैनात सुरक्षा गार्ड भी इसे नहीं रोक पाते हैं। कभी रोकने की कोशिश की तो उनपर जानलेवा हमला चोरों का गैंग कर देता है। चोरों के निशाने पर सीसीएल के कई सुरक्षा कर्मी पूर्व मंे आ चुके हैं। कई बार तो तस्कर गोली- बम तक चला देते हैं। चोरों का झुंड यहां से रात भर बेरोकटोक कोयला चोरी करता है और बाहर तस्करों को बेचता है। वहीं, इसके अलावा सीसीएल की ओपेन कास्ट माइंस के में चोर सुरंग बनाकर कोयले की चोरी कर रहे हैं। ओपेनकास्ट माइंस में भी अवैध खदानों से कोयला खनन धड़ल्ले से हो रहा है। यह गिरोह इतना संगठित है कि दिन में भी अवैध खनन िकया जाता है। जिसकी भनक कई बार सुरक्षा कर्मियों को लग चुकी है, लेकिन हमले के भय से वे पंगा लेने की कोशिश नहीं करता। सुरंगों के भीतर 40–50 फीट तक जाकर कोयले का खनन किया जाता है। निकाले गए कोयले को टोकरी के माध्यम से सुरंग के मुहाने तक लाकर जमा किया जाता है। दिनभर खनन के बाद शाम ढलते ही जमा कोयले को सीमेंट की बोरियों में भरकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाता है। सीसीएल की ओपेनकास्ट माइंस में सुरंगनुमा अवैध खदान। कबरीबाद इलाके से हर िदन 100 बाइक से 200 टन कोयला जाता है बाहर वहीं, कोयला ढुलाई के लिए पहले से बाइक सवार तस्कर तैयार रहते हैं, जो बोरियों को बाइक पर बांधकर थोड़े-थोड़े अंतराल पर निकल जाते हैं। एक बाइक पर औसतन दो टन तक कच्चा कोयला ले जाया जाता है। केवल कबरीबाद इलाके में 50 अवैध खदानें चल रही हैं, जहां प्रतिदिन 100 बाइक से 200 टन कोयला कबरीबाद माइंस क्षेत्र से बाहर ले जाया जा रहा है। लगातार करते हैं छापेमारी : सुरक्षा प्रभारी सीसीएल के सुरक्षा प्रभारी नकुल कुमार नायक ने बताया कि कबरीबाद कोल माइंस में इन दिनों गश्त बढ़ा दी गई है। हाल ही में सुरंग के पास जमा कोयले को जब्त किया गया। कई बोरियों को काटा गया। मुफ्फसिल थाना में चोरों पर मुकदमा भी दर्ज कराया जाता है। सुरक्षा कर्मियों से कई बार हो चुकी है चोरों की झड़प कबरीबाद कोल माइंस और आसपास के इलाकों में कोयला तस्करों और सीसीएल की सुरक्षा में तैनात होमगार्ड जवानों के बीच कई बार हिंसक झड़प हो चुकी है। बीते वर्ष इन झड़पों में तीन सुरक्षा जवानों के घायल होने की पुष्टि हुई थी। बीते 9 मई और 8 जून को दिन के समय कबरीबाद इलाके में कोयला तस्करों और सुरक्षाकर्मियों के बीच दो बार आमना-सामना हुआ था, जिसमें पत्थरबाजी के दौरान तीन होमगार्ड जवान घायल हो गए थे। इसके अलावा 11 अप्रैल को सेंट्रलपिट कोल रेलवे साइडिंग में मालगाड़ी को रोककर कोयला उतारने की घटना सामने आई थी। वहीं, 15 अप्रैल माह में लगभग 70–80 कोयला चोरों के साथ सुरक्षाकर्मियों की झड़प हुई थी। बीते 3 नवंबर को भी कोयला चोरी को लेकर तस्करों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष की स्थिति बनी थी। ताजा घटना बीते 1 जनवरी की है, जब बरवाडीह रेलवे पुल के पास कोयला तस्करों ने सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी की।


