सीहोर पुलिस ने ‘मुस्कान विशेष अभियान’ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 32 गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं को सकुशल उनके परिजनों से मिलाया है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में पुलिस टीमों ने मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश से इन बच्चों को दस्तयाब किया और परिवारों को सौंपा। पुलिस अधीक्षक द्वारा कुल 58 प्रकरणों में इनाम की घोषणा की गई थी। इन गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए प्रत्येक मामले में थाना स्तर पर विशेष खोजी टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने यह सफलता हासिल की। 4 साल पुराने मामले भी सुलझे
अभियान के दौरान पुलिस को एक वर्ष से अधिक पुराने गुमशुदगी के मामलों में भी सफलता मिली है। थाना बुधनी पुलिस ने चार वर्ष से अधिक पुराने प्रकरणों का निपटारा किया, जबकि थाना रेहटी ने वर्ष 2023 के लंबित मामलों का निराकरण किया। प्रेमी की मौत के बाद डर से नहीं लौटी घर
अभियान के दौरान कई भावुक मामले सामने आए। थाना रेहटी क्षेत्र की एक 17 वर्षीय नाबालिग को इंदौर से बरामद किया गया। वह एक परिचित युवक के साथ भागकर इंदौर गई थी, जहां दोनों मजदूरी कर रहे थे। वहां युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। इसके बाद परिवार की नाराजगी के डर से बालिका अपनी पहचान छुपाकर इंदौर में ही मजदूरी करती रही। शादीशुदा मिस्त्री ने किया था अपहरण, 150 CCTV खंगाले
थाना भैरुन्दा के एक मामले में पुलिस ने 150 सीसीटीवी कैमरों का विश्लेषण कर नाबालिग को इंदौर से खोज निकाला। पीड़िता के घर निर्माणाधीन मकान में मिस्त्री का काम करने वाले एक शादीशुदा व्यक्ति ने उसे अगवा किया था। आरोपी उम्र में बच्ची से 10 साल बड़ा था। उसने बहला-फुसलाकर उससे शादी कर ली और किराए के कमरे में रखा था। पुलिस ने आरोपी और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अच्छा काम करने वाले थानेदार होंगे पुरस्कृत
इस अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले थाना प्रभारियों को पुलिस अधीक्षक द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।


