सीहोर जिला आज लगातार दूसरे दिन घने कोहरे की गिरफ्त में है। शीतलहर का दौर भी लगातार जारी है। सीहोर में आज न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी भी घटकर 10 मीटर पर ठहर गई है। जानकारी के अनुसार उत्तर दिशा से आ रही बर्फीली हवाओं ने लोगों को कंपकपा दिया है। आज लगातार दूसरा दिन है, जब घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी काफी घट गई और शीत लहर ने भी लोगों को काफी परेशान किया। उल्लेखनीय की नई साल की शुरुआत के साथ ही सीहोर जिले में घना कोहरा छाने का दौर शुरू हो गया है। कल जहां विजिबिलिटी 20 मीटर थी, वही आज विजिबिलिटी 10 मीटर दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा क्योंकि बर्फीली हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में कमी दर्ज की जा रही है और घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी घटी हुई है। बदलते मौसम में बचाव की सलाह इधर बदलते मौसम में बच्चों में निमोनिया के लक्षणों की पहचान एवं उसके उपचार एवं प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आम जनों को सलाह दी है कि निमोनिया के आकलन, निमोनिया का वर्गीकरण, खतरनाक लक्षणों के चिन्हों की पहचान, समुदाय आधारित निमोनिया का प्रबंधन, उपचार व रेफरल के संबंध में मैदानी कार्यकर्ताओं को जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बदलते मौसम में बच्चों को निमोनिया के लक्षणों की पहचान एवं एसके उपचार एवं प्रबंधन के लिए विभाग तैयार है। जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की एएनएम को निमोनिया के संबंध जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि सर्दी के मौसम में बच्चों में निमोनिया के केसेस ज्यादा पाए जाते हैं। इसे देखते हुए मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को अवगत किया गया है। जिससे कि वह अपने क्षेत्र में निमोनिया के लक्षण वाले बच्चों की शीघ्र पहचान कर शीघ्र प्रबंधन कर सकें। निमोनिया फेफड़े का संक्रमण है। जिससे फेफड़ों में सूजन हो जाती है। निमोनिया होने पर बुखार खांसी और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। तेज सांस चलना या छाती का धंसना निमोनिया के दो मुख्य चिन्ह है। निमोनिया से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण, छह माह तक सिर्फ स्तनपान और उसके बाद उचित पूरक आहार, विटामिन ए का सेवन, साबुन से हाथ धोना, घरेलू वायु प्रदूषण को कम करना आवश्यक है।


