सीहोर में रविवार को चिकित्सा विज्ञान और मानवता की सेवा के लिए एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली। इंदिरा कॉलोनी गल्ला मंडी निवासी 72 वर्षीय मनोहर महेश्वरी के निधन के बाद उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार परिजनों ने देहदान किया। प्रदेश सरकार के नए नियमों के तहत जिला प्रशासन ने उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। यह सीहोर जिले का पहला मामला है, जब किसी देहदानी को पुलिस और होमगार्ड्स के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया है। उनकी देह भोपाल के हमीदिया अस्पताल (गांधी मेडिकल कॉलेज) भेजी गई है। मनोहर महेश्वरी के पुत्र महेंद्र महेश्वरी ने बताया कि उनके पिता ने वर्ष 2014 में ही देहदान का मन बना लिया था। उन्होंने 19 अक्टूबर 2020 को इसके लिए विधिवत संकल्प पत्र भरकर जमा किया था। पिछले कुछ समय से वे अस्वस्थ चल रहे थे और रविवार तड़के 3.18 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। पिता के निधन के बाद परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल देहदान का निर्णय लिया। जिला अस्पताल में दी गई सलामी रविवार को जिला चिकित्सालय परिसर में राजकीय सम्मान की प्रक्रिया संपन्न हुई। यहां पुलिस और होमगार्ड्स के जवानों ने शस्त्र झुकाकर स्व. महेश्वरी को सलामी दी। सिविल सर्जन डॉ. उमेश श्रीवास्तव ने बताया कि महेश्वरी की पार्थिव देह को सम्मानपूर्वक भोपाल के हमीदिया अस्पताल गांधी मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया है। वहां उनकी देह का उपयोग चिकित्सा शिक्षा के छात्रों की पढ़ाई और शोध कार्यों में किया जाएगा। 26 जनवरी को परिजनों का होगा सम्मान लेब टेक्नीशियन अंबर मालवीय ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर देहदान करने वाले परिवारों को मुख्य समारोह में सम्मानित किया जाना है। इसी क्रम में, स्व. मनोहर महेश्वरी के परिजनों का सम्मान कल (26 जनवरी) को पुलिस लाइन मैदान में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में किया जाएगा।


