सीहोर में बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर शहर के मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की विशेष पूजा-अर्चना की गई। शहर के शिक्षण संस्थानों में आयोजित विशेष कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं ने मां सरस्वती की वंदना के साथ बसंत ऋतु के मधुर गीतों की प्रस्तुति दी। श्री पंचमी या ज्ञान पंचमी के रूप में प्रसिद्ध इस त्योहार पर लोगों ने पीले वस्त्र धारण किए और पूजा में पीले फूलों का विशेष महत्व रहा। इस वर्ष बसंत पंचमी का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि यह गुप्त नवरात्रि के साथ संयोग बना रहा है। बसंत पंचमी का विशेष महत्व शीत ऋतु के बाद वसंत के आगमन और फसल कटाई के मौसम की शुरुआत से जुड़ा है। भारतीय परंपरा में छह ऋतुओं में से बसंत को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।


