बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा के पहाड़ पर बीते 9 दिनों से जवानों का कब्जा है। इसी बीच बुधवार को 5 हजार से ज्यादा जवानों ने करीब 5 हजार फीट की चढ़ाई पूरी की और तिरंगा लहराया। साथ ही संदेश दिया है कि राष्ट्रविरोधी कोई भी ताकत हो, सभी को संविधान के दायरे में रहना होगा। डिप्टी सीएम की दो टूक शर्मा ने कहा – नक्सलियों से शांति वार्ता नहीं करेगी सरकार गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों की शांति वार्ता के प्रस्ताव पर दाे-टूक कहा है कि अब सरकार नक्सलियों से शांति वार्ता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जब आदिवासी मरे तब उन्हें दर्द नहीं हुआ। यह देश को खत्म करने वाला प्रोपेगंडा है। आखिर यह लोग कौन हैं, जो शांति वार्ता के लिए अपील कर रहे हैं। गृहमंत्री ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ के आदिवासी मुठभेड़ों में मारे जा रहे थे, तब किसी संगठन ने दर्द नहीं जताया, लेकिन अब जब तेलंगाना के नक्सली घेरे में हैं, तो वार्ता की बातें शुरू हो गई हैं। दाल में जरूर कुछ काला है। नक्सली बताएं उनकी तरफ से कौन बात करेंगे। उन्होंने तेलंगाना सीमा से लगे कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में जारी एंटी नक्सल ऑपरेशन और शांति वार्ता के प्रस्तावों पर तीखी नाराजगी जाहिर की। यहां के लिए चुप्पी क्यों?
गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर में कई बड़ी घटनाएं हुई, तब कहां थे। कई बड़े हमले के बाद वार्ता के लिए क्यों नहीं आए। कई ग्रामीण और कई नेता मारे गए तब क्यों नहीं आए। गृहमंत्री शर्मा ने साफ कहा कि पिछले वर्षों में छत्तीसगढ़ में 400 से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं, तब किसी ने बातचीत की पेशकश नहीं की। तब न तो कोई बुद्धिजीवी सामने आया, न ही कोई सामाजिक संगठन।


