जालंधर| शिरोमणि अकाली दल ने आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि 328 पावन सरूपों के मामले को सियासी हथियार बनाकर सिख संस्थाओं में दखल दिया जा रहा है। जब पहले से ही भाई ईशर सिंह की रिपोर्ट में 328 पावन सरूप मामले पर जांच पूरी हो चुकी है तो फिर सरकार अपने चहेते अफसरों की एसआईटी बनाकर अकाली दल और सुखबीर सिंह बादल को फंसाने का काम क्यों कर रही है। इसी रणनीति के तहत बठिंडा में एसएसपी डॉ. ज्योति यादव को लगाया गया है। अकाली दल की शहरी और देहाती कमेटी सहित एसजीपीसी सदस्यों की तरफ से मीटिंग की गई। जिसमें महिंदर सिंह केपी, इकबाल सिंह ढींढसा, बचितर सिंह कोहाड़, हरजाप सिंह संघा आदि मौजूद रहे। मोहिंदर केपी ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट में कहीं भी नहीं लिखा कि पावन सरूप चोरी हुए या उनकी बेअदबी हुई। रिपोर्ट में स्पष्ट है कि संबंधित कर्मचारियों की मिलीभगत से पावन सरूप संगत को दिए गए और उनकी बनती भेंट ट्रस्ट फंड में जमा नहीं करवाई गई। उन्होंने भगवंत मान की सोशल मीडिया पर वायरल कथित वीडियो मामले पर भी उन्हें घेरा। देहाती प्रधान कोहाड़ ने कहा कि सरकार ने जो सिट बनाई है उसके प्रमुख अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर है, जब श्री दरबार साहिब में सुखबीर सिंह बादल पर हमला हुआ था तब 6 घंटे तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। एसपी हरपाल सिंह पर हमलावर की रेकी में मदद करने का आरोप है, एसपी गुरबंस सिंह बैंस सहित डीएसपी बेअंत जुनेजा पर भी उन्होंने कई सवाल खड़े किए।


