सुजलॉन एनर्जी का वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में मुनाफा सालाना आधार (YoY) पर 7.28% बढ़कर ₹324 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹302 करोड़ रहा था। सुजलॉन एनर्जी के ऑपरेशन से कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू यानी आय में सालाना आधार पर 55% की तेजी आई। पहली तिमाही में ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹3,117 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में रेवेन्यू ₹2,016 करोड़ रहा था। FY26 की पहली तिमाही में सुजलॉन का मुनाफा 7% बढ़ा सालाना आधार पर तिमाही आधार पर नोट: आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। सुजलॉन के शेयर ने 6 महीने में 21% रिटर्न दिया रिजल्ट आने के बाद आज सुजलॉन एनर्जी का शेयर 0.16% गिरकर ₹63.22 पर बंद हुआ। पिछले एक साल में कंपनी का शेयर 21% गिरा है। वहीं बीते 6 महीने में शेयर 21% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 86.23 हजार करोड़ रुपए है। क्या होता है स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड? कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि, कंसॉलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। 1995 में हुई थी सुजलॉन एनर्जी की स्थापना सुजलॉन एनर्जी की स्थापना 1995 में हुई थी। कंपनी दुनियाभर के 17 देशों में टेक्नोलॉजी और एनर्जी सॉल्यूसंस प्रोवाइड करती है। छह महाद्वीपों में सुजलॉन एनर्जी की 13,000 से ज्यादा विंड टर्बाइन्स चलती हैं।


