सुदेश लहरी बोले- गुजारे के लिए फल-सब्जियां बेचीं:लोग गरीबी पर हंसते थे, आज मेरे पास कई घर; प्राइवेट थिएटर भी है

कॉमेडियन सुदेश लहरी ने बताया है कि सफलता पाने से पहले उन्हें बहुत स्ट्रगल करना पड़ा था। उनके परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी। गुजारे के लिए वे चाय बेचते थे, फल बेचते थे। इसके अलावा भी उन्होंने कई छोटे-मोटे काम किए। लोग उनकी गरीबी पर हंसते थे, ताने मारते थे। लेकिन उन्होंने मेहनत जारी रखी और कामयाबी हासिल की। सुदेश हाल ही में अर्चना पूरन सिंह के व्लॉग में नजर आए। यहां उन्होंने कहा, ‘मैंने कई बार कहा है कि मैं आज जहां हूं, वहां पहुंचने के लिए मैंने वाकई कड़ी मेहनत की है। जब मैंने अपना करियर शुरू किया तो इतना स्ट्रगल किया कि मैं दिवालिया हो गया, मेरा घर बिक गया। हर कोई मुझ पर हंसा, लेकिन जब अर्चना पूरन सिंह मुझ पर हंसीं तो मैंने कई घर बना लिए।’ सुदेश बोले- मैंने गरीबी देखी है सुदेश ने आगे कहा, ‘जब मैं छोटा था तो मैंने बहुत मेहनत की है। मैंने गरीबी देखी है। मैंने छोटी-मोटी दुकानों में काम किया है। चाय बनाता था, कई फैक्ट्रियों में काम किया है, जूते-चप्पल बनाता था। मैंने सब्जियां बेचीं। अमीरों को झूठ बोलने की जरूरत नहीं है, लेकिन गरीब होने के कारण जब साहूकार पैसे मांगते हैं तो हमें अक्सर झूठ बोलना पड़ता है। यह सब मेरे लिए एक्टिंग कोर्स की तरह था।’ शराबी ने सुदेश को थप्पड़ मारा था सुदेश ने उस घटना का भी जिक्र किया, जिसने उनकी जिंदगी बदल दी। उन्होंने कहा, ‘एक बार मैं एक शो कर रहा था। वहां एक शराबी था। वह अचानक स्टेज पर आया, उसने मेरा कॉलर पकड़ लिया, फिर थप्पड़ मार दिया। मेरा माइक नीचे गिर गया। वहां मौजूद मेरे साथी उसे पीटने के लिए तैयार थे, लेकिन मैंने ही रोक दिया। बाद में मुझे बहुत बुरा लगा। मैं घर आया और पत्नी से कहा कि मैं कभी भी शादियों में परफॉर्म नहीं करूंगा।’ कृष्णा अभिषेक के लिए बनवाया होम थिएटर सुदेश ने यह भी बताया कि उनके घर में होम थिएटर है। उन्होंने कहा, ‘मैंने होम थिएटर केवल कृष्णा अभिषेक के लिए बनाया है। वजह यह है कि उनकी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज नहीं होती हैं। लेकिन वह हमेशा दावा करते हैं कि फिल्में थिएटर्स में हैं, लेकिन मुझे कभी नहीं दिखीं।’

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