कोटा में बाल सुधार गृह से भागे 2 बाल अपचारी अब तक पकड़े नहीं गए है। बाल अधिकारिता विभाग की जांच में तीन सिक्योरिटी गार्डों की लापरवाही और मिलीभगत मिली है। तीनों ने 16-17 साल के बाल अपचारियों से रसोई में चाय और मैगी बनवाई। यहां तक कि उन्हें बंदी गृह की चाबी भी दे दी। दोनों नाबालिगों के खिलाफ लूट-चाकूबाजी समेत गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। दोनों 4 जनवरी की सुबह रावतभाटा रोड स्थित बाल सुधार गृह से भागे थे। गार्डों ने बाल अपचारियों के साथ बैठकर पी थी चाय
बाल अधिकारिता विभाग की जांच में तीन सुरक्षा गार्डों की गंभीर लापरवाही और मिलीभगत सामने आई ह। जांच के अनुसार-लूट के मामलों में शामिल एक शातिर बाल अपचारी को सुरक्षा गार्ड ने बंदी गृह से बाहर निकाला। उससे रसोई में चाय और मैगी बनवाई। इसके बाद उसी बाल अपचारी के साथ बैठकर चाय भी पी। बंदी गृह की चाबी भी उसी अपचारी को दे दी गई। गार्डों के वहां से जाने के बाद नाबालिग ने ताला खोलकर अपने एक साथी को बाहर निकाला और दोनों फरार हो गए। सीसीटीवी में रसोई और परिसर में घूमते दिखे थे
सुधार गृह में लगे सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना कैद हुई है, जिसमें बाल अपचारी को करीब आधे घंटे तक रसोई और परिसर में घूमते देखा गया। जबकि उन्हें किसी भी स्थिति में बाहर निकालने पर सख्त मनाही थी। गार्डों के बयान अलग-अलग
रात और सुबह की ड्यूटी में मौजूद गार्डों के बयान भी आपस में मेल नहीं खा रहे हैं। एक गार्ड धक्का देने की बात कह रहा है तो दूसरा चाबी छीने जाने की दलील दे रहा है। तीसरे गार्ड की मौजूदगी पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुधार गृह के प्रभारी निशांत सिंह ने तीनों गार्डों के खिलाफ आरकेपुरम थाने में केस दर्ज करवाया है और निदेशालय को रिपोर्ट भेज दी गई है। फरार बाल अपचारियों की तलाश के लिए टीमें गठित
आरके पुरम थाना अधिकारी रामविलास मीणा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज देखने के दौरान मौके पर मौजूद गार्डों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। गार्डों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जांच में स्पष्ट हुआ है कि बिना किसी दबाव के चाबी नाबालिगों को सौंपी गई। पुलिस ने मामले में अलग-अलग टीमें गठित कर ली हैं और फरार बाल अपचारियों की तलाश लगातार जारी है।


