सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बिश्नोई करेंगे अधिवक्ता अधिवेशन का उद्घाटन:बालोतरा में कल से वकीलों का राष्ट्रीय महाकुंभ, गेर नृत्य से होगा स्वागत

अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद का 17वां राष्ट्रीय अधिवेशन कल यानी 26 दिसंबर से बालोतरा-नाकोड़ा स्थित लालबाग में शुरू हो रहा है। देशभर से 4 हजार से अधिक अधिवक्ताओं, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विजय बिश्नोई, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की मौजूदगी में होने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राजस्थान में पहली बार आयोजित इस राष्ट्रीय अधिवेशन में अतिथियों का स्वागत जालौर के बावड़ी गांव की प्रसिद्ध गेर नृत्य मंडली ढोल-थाली की थाप पर राजस्थानी अंदाज में करेगी। ​सुप्रीम कोर्ट जज से लेकर केंद्रीय मंत्री तक होंगे शामिल अधिवेशन का उद्घाटन समारोह 26 दिसंबर को दोपहर 2:30 बजे आयोजित होगा, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विजय बिश्नोई, राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा, भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल मौजूद रहेंगे। इससे पहले सुबह परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी। ​उद्घाटन सत्र का केंद्रीय विषय “भारतीय संविधान के 75 वर्ष: सामाजिक समरसता” रखा गया है। इस अवसर पर परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता के. श्रीनिवास मूर्ति अध्यक्षीय संबोधन देंगे और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एवं महासचिव डॉ. भरत कुमार परिषद की गतिविधियों पर प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। ​गेर नृत्य से होगा राजस्थानी स्वागत राष्ट्रीय अधिवेशन में राजस्थान की लोक कला और संस्कृति आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेगी। जालौर जिले के बावड़ी गांव के प्रसिद्ध गेरियों का दल पारंपरिक गेर नृत्य की भव्य प्रस्तुति देगा। गेर दल के प्रमुख तानसेन के नेतृत्व में 12 सदस्यीय मंडली ढोल-थाली की लयबद्ध थाप पर देशभर से आए अधिवक्ताओं को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराएगी। ​गेर नृत्य दल के प्रमुख तानसेन ने बताया कि उनका दल हिमाचल, लेह-लद्दाख सहित देश के कई प्रदेशों में प्रस्तुति दे चुका है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर के इस विशाल कानूनी आयोजन में मारवाड़ की लोक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करना गौरव का विषय है। यह प्रस्तुति न केवल अतिथियों का मनोरंजन करेगी, बल्कि उन्हें राजस्थानी आतिथ्य परंपरा का अनूठा अनुभव भी देगी। जस्टिस माथुर ने किया निरीक्षण, तैयारियों को सराहा राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों को लेकर गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस विनीत कुमार माथुर ने कार्यक्रम स्थल लालबाग पहुंचकर व्यवस्थाओं का मुआयना किया। बालोतरा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश एम एल सुथार ने न्यायाधीश माथुर का स्वागत किया। जस्टिस माथुर ने अधिवक्ता परिषद के जोधपुर प्रांत महामंत्री श्याम पालीवाल एवं आयोजन समिति के सदस्यों के साथ कॉन्फ्रेंस हॉल, भोजन पांडाल, जल मंदिर और अतिथियों के स्वागत की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने देशभर से आने वाले हजारों अतिथियों के आगमन, आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्य बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बावड़ी गांव के गेरियों ने संक्षिप्त प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित सभी अतिथियों ने भरपूर सराहा। ​संविधान से लेकर कोर्ट रूम कल्चर तक होगा मंथन तीन दिवसीय अधिवेशन के दौरान संविधान, सामाजिक समरसता, कोर्ट रूम कल्चर, भारतीय चेतना एवं विधि व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में देशभर से आए वरिष्ठ अधिवक्ता, न्यायाधीश और विधि विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। साथ ही परिषद की आगामी वर्षों की गतिविधियों और कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की जाएगी। मीडिया समन्वयक एडवोकेट देवकीनंदन व्यास ने बताया कि यह अधिवेशन केवल औपचारिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि विधिक जगत के लिए गहन मंथन और दूरदर्शी निर्णयों का सशक्त मंच बनेगा। अधिवक्ताओं से जुड़े समसामयिक विधिक विषयों पर गंभीर विमर्श, संगठन की भविष्य की नीतियों और रणनीतियों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से यह अधिवेशन परिषद की भावी दिशा स्पष्ट रूप से निर्धारित करेगा। ​बालोतरा को मिलेगी नई पहचान अधिवक्ता परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन राजस्थान में पहली बार आयोजित किया जा रहा है, जिसकी मेजबानी जोधपुर प्रांत कर रहा है। जोधपुर प्रांत में जोधपुर, पाली, जालोर, सिरोही, बाड़मेर, जैसलमेर, बालोतरा, नागौर, फलोदी, डीडवाना, बीकानेर, श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ जिले शामिल हैं। अधिवेशन को लेकर पूरे प्रांत में उत्साह का माहौल है और पिछले कई दिनों से जोधपुर प्रांत के अधिवक्ता कार्यकर्ता बालोतरा में डेरा डाले हुए हैं। मीडिया सह समन्वयक अधिवक्ता अश्विन राजपुरोहित ने बताया कि यह अधिवेशन बालोतरा के लिए गौरव का अवसर होगा। इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन से बालोतरा न केवल देशभर से आए विधि विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों का केंद्र बनेगा, बल्कि अपनी आतिथ्य परंपरा, सांस्कृतिक पहचान और संगठनात्मक क्षमता के कारण राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई और सकारात्मक पहचान भी स्थापित करेगा। 28 दिसंबर को दोपहर 1.30 बजे समापन समारोह आयोजित होगा।

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