सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों पर गुरुवार को लगातार दूसरे दिन ढाई घंटे सुनवाई हुई। कोर्ट ने कुत्तों के बिहेवियर को लेकर चर्चा की। जस्टिस नाथ ने कहा कि कुत्ते इंसानों का डर पहचान लेते हैं इसलिए काटते हैं। इस पर एक वकील (कुत्तों के फेवर वाले) ने इनकार किया। फिर जस्टिस ने कहा- अपना सिर मत हिलाइए, ये बात मैं पर्सनल एक्सपीरियंस से बोल रहा हूं। उधर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि राज्यों ने जो आंकड़े दिए हैं। उनमें से किसी ने यह नहीं बताया कि नगर पालिकाओं की तरफ से कितने शेल्टर चलाए जाते हैं। देश में सिर्फ 5 सरकारी शेल्टर हैं। इनमें से हर एक में 100 कुत्ते रह सकते हैं। हमे इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। इससे पहले सुनवाई के दौरान एनिमल वेलफेयर की तरफ से दलील दे रहे एडवोकेट सीयू सिंह ने कुत्तों को हटाने या शेल्टर होम भेजने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कुत्ते हटाने से चूहों की आबादी बढ़ेगी। इस पर कोर्ट ने मजाकिया अंदाज में कहा- तो क्या बिल्लियां ले आएं? इस मामले पर पिछले 7 महीनों में छह बार सुनवाई हो चुकी है। पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंड, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और रेलवे स्टेशनों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा था कि इन जानवरों को तय शेल्टर में ट्रांसफर किया जाए। सुनवाई के दौरान 6 बड़ी बातें… मध्य प्रदेश सीएम हाउस में पालतू कुत्ते ने ट्रेनर व रसोइए पर हमला किया भोपाल में मुख्यमंत्री निवास में गुरुवार को पालतू कुत्ते ने रसोइए पर अचानक हमला कर दिया। इससे रसोइये कृपाशंकर मिश्रा और डॉग ट्रेनर रंजीत घायल हो गए। घटना तब हुई, जब डॉग ट्रेनर रंजीत कुत्ते को संभाल रहे थे। घायलों को तुरंत जेपी अस्पताल ले जाया गया। कृपाशंकर मिश्रा के हाथ और पैर में तीन जगह गहरे जख्म हुए। अचानक हुए हमले से सीएम हाउस परिसर में कुछ देर अफरा-तफरी मची रही। सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों पर चल रही सुनवाई की पल-पल की अपडेट के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं…


