सुप्रीम कोर्ट बोली- दिव्यांगों के लिए डिजिटल KYC आसान बनाएं:62 पेज का फैसला सुनाया; डिजिटल एक्सेस सेक्शन-21 के तहत जीवन का अधिकार है

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (30 अप्रैल) को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि डिजिटल KYC (eKYC) प्रोसेस को दिव्यांगों के लिए पूरी तरह आसान बनाया जाए। जस्टिस जेबी पारदीवाला और आर महादेवन की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि डिजिटल एक्सेस का अधिकार संविधान के सेक्शन-21 के तहत जीवन का अधिकार है। कोर्ट ने यह फैसला तेजाब पीड़ित और ब्लाइंड या कमजोर आंख वाले लोगों की ओर से दायर PIL पर सुनवाई करते हुए दिया। 62 पेज के फैसले में कोर्ट ने डिजिटल डिवाइड को खत्म करने की बात कही। कोर्ट ने कहा कि यह संवैधानिक जरूरत है, जिससे हर व्यक्ति को समान भागीदारी का जीवन मिल सके। कोर्ट के फैसले की मुख्य बातें… KYC अपडेट कराने का सही तरीका क्या है? रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइडलाइन्स के मुताबिक, सभी अकाउंट होल्डर्स के लिए नियमित रूप से अपना KYC अपडेट रखना जरूरी है। इसे आप ऑनलाइन या ऑफलाइन, दोनों तरीकों से करा सकते हैं। इसे नीचे दिए पॉइंट्स से समझिए- स्टेप 1: सबसे पहले संबंधित बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन की नजदीकी शाखा में जाएं। स्टेप 2: वहां KYC फॉर्म लें और उसमें आधार कार्ड, PAN कार्ड की डिटेल भरें। स्टेप 3: इसके बाद बैंक द्वारा आपकी जानकारी को वेरिफाई किया जाएगा। स्टेप 4: सभी जानकारी सही होने पर KYC अपडेट कर दी जाएगी। इसकी जानकारी आपको SMS या ईमेल के द्वारा मिलेगी। स्टेप 1: अपने बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन की ऑफिशियल वेबसाइट या एप पर लॉगिन करें। स्टेप 2: इसके बाद ‘KYC अपडेट’ सेक्शन पर क्लिक करें। स्टेप 3: आधार, PAN या अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। स्टेप 4: इसके बाद मोबाइल नंबर पर आए OTP को वेरिफाई करें। स्टेप 5: KYC अपडेट होने पर SMS या ईमेल द्वारा वेरिफिकेशन मिल जाएगा। ————————— यह खबर भी पढ़ें… एमपी में दृष्टिबाधित भी बन सकेंगे जज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा-दिव्यांगता के आधार पर न्यायिक सेवा में भर्ती के लिए अयोग्य नहीं ठहरा सकते मध्यप्रदेश में अब दृष्टिबाधित दिव्यांग भी अदालतों में जज बन सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने दृष्टिबाधित दिव्यांगों को न्यायिक सेवा में शामिल होने की अनुमति दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को केवल उसकी शारीरिक अक्षमता के कारण न्यायिक सेवा में भर्ती के लिए अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। पूरी खबर पढ़ें…

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