सुप्रीम कोर्ट सोमवार आज महिला-केंद्रित कानूनों से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करेगा। इसमें याचिकाकर्ता ने कानूनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। साथ ही मांग की है कि पुरुषों को भी संरक्षण दिया जाए। मामला जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच में लिस्ट किया गया है। याचिका रूपशी सिंह ने दायर की है। इसमें दहेज निषेध, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण और भारतीय दंड संहिता में महिलाओं के प्रति क्रूरता से जुड़े प्रावधानों की वैधता पर सवाल उठाया गया है। याचिका में ये मांगें की गईं भारत में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने प्रमुख कानून महिला सुरक्षा कानून से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष बोलीं- कुछ महिलाएं कानून का गलत इस्तेमाल कर रहीं, ये ठीक नहीं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने बेंगलुरु के AI इंजीनियर अतुल सुभाष की खुदकुशी की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। नवंबर 2024 में भोपाल पहुंचीं रहाटकर ने कहा था कि जो कानून महिलाओं को हिंसा और उत्पीड़न से बचाने के लिए बनाए गए हैं, उनका कुछ महिलाएं गलत इस्तेमाल कर रही हैं। इन कानूनों से पुरुषों पर अत्याचार हो रहा है, तो ये गलत है। रहाटकर ने कहा कि परिवार के झगड़े पुलिस-वकील तक पहुंच रहे हैं, ये ठीक नहीं है। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…


