भास्कर न्यूज | महासमुंद अब दफ्तर में समय पर नहीं पहुंचने और देर से आने वाले अधिकारी कर्मचारियों की खैर नहीं रहेगी। सीधे उन पर कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर कलेक्टर विनय लंगेह ने सख्ती दिखाई। दरअसल सरकारी कार्यालय में पहुंचने का समय सुबह 10 बजे निर्धारित है। बावजूद अधिकारी कर्मचारी पुरानी परंपरा के अनुरुप ही 11.30 से 11 बजे के बीच ही कार्यालय पहुंच रहे हैं। गुरुवार को कलेक्टर विनय कुमार लंगेह अचानक सुबह 10 बजे जिला कार्यालय के विभिन्न शाखाओं का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए कि अधिकारी कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंच रहे हैं कि नहीं, कलेक्टर अपने कक्ष में थोड़ी कामकाज निपटाने के बाद सीधे अधिकारियों के चैंबर में पहुंचे। जहां देखा कि अधिकारी अधिकारी कर्मचारी समय पर कार्यालय में नहीं पहुंचे थे। मौके पर 86 अधिकारी कर्मचारी अपने दफ्तर में समय पर अनुपस्थित मिले। सभी अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस देने के निर्देश दिए है। साथ ही उन्हींने सख्त चेतावनी दी है कि ऐसी लापरवाही दोबारा हुई तो सीधे कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर लंगेह ने इस दौरान कार्यालयों में उपस्थिति, कार्यप्रणाली, और जनसेवा से जुड़े कार्यों का जायजा भी लिया। निरीक्षण के दौरान कार्यालयीन समय में कई अधिकारी और कर्मचारी अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए, जिससे कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। सभी कर्मचारियों को दैनिक उपस्थिति पंजीयक आते ही हस्ताक्षर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशानुरूप समय पर कार्यालय पर पहुंचे और जनता को आवश्यक सेवाएं सुलभता से प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। और आवश्यकता अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। कलेक्टर विनय लंगेह ने साथ ही अपर कलेक्टर को हर सप्ताह कलेक्टर कार्यालय के दफ्तर के साथ शहर के अलग अलग विभागों का औचक निरीक्षण करने कहा। और समय पर नहीं पहुंचने वाले अफसरों को नोटिस देने और उसके बाद भी नियमों का पालन नहीं करने पर सीधे कार्रवाई करने कहा है। इसके अलावा कहा कि अगर किसी अधिकारी की शिकायत कार्यों को नहीं करने की मिली तो इस पर संज्ञान में लेने कहा। और संबंधित विभाग के अधिकारियों में आवेदन पेंडिंग न रहे इसका भी ध्यान रखने और समस्याओं के निराकरण समय पर करने कहा गया है। इस दौरान अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू, डिप्टी कलेक्टर आशीष कर्मा मौजूद थे।


