बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने मोपका रोड पर धरना-प्रदर्शन करने वाले कांग्रेसियों पर पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में ‘कट, कमीशन और करप्शन’ बंद होने से कांग्रेस नेताओं का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। सुशांत शुक्ला ने कांग्रेसियों को चुनौती देते हुए पूछा कि वे भूपेश सरकार के पांच साल के कार्यकाल में बेलतरा में हुए विकास कार्यों का ब्योरा दें। उन्होंने कहा कि अब दलाली बंद हो गई है, इसलिए उनके मुंह खुल रहे हैं। विधायक ने जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी की निर्माणाधीन सड़कों पर की गई पत्रवार्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों की बात की जा रही है, उनका निर्माण भूपेश सरकार के समय हुआ था। तब उन्हें दलाली मिलती थी, इसलिए वे चुप थे। 18 वार्डों के लिए 150 करोड़ के विकास कार्य स्वीकृत सुशांत शुक्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव के नेतृत्व में बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के नगरीय निकाय क्षेत्रों में व्यापक निर्माण कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, जो जल्द ही शुरू होंगे। उन्होंने इसे कांग्रेसियों के मुंह पर तमाचा बताया और उन्हें अपने गिरेबां में झांकने की सलाह दी। उन्होंने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार पर 12 पंचायतों को राजनीतिक कारणों से नगर निगम में शामिल कर विकास से दूर रखने का आरोप लगाया। सुशांत शुक्ला ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के पांच साल में इन क्षेत्रों में एक रुपए का भी काम नहीं हुआ, जबकि साय सरकार ने पिछले 22 महीनों में 18 वार्डों के लिए 150 करोड़ रुपए के विकास कार्य स्वीकृत किए हैं। इनमें से कुछ कार्य शुरू हो चुके हैं या प्रक्रियाधीन हैं। नंबर बढ़वाने नौटंकी कर रहे विधायक ने धरना देने वाले कांग्रेसियों पर आरोप लगाया कि जिस पार्टी में सिर फुटौवल हो रही है, वहां वे अपना नंबर बढ़वाने के लिए राजनीतिक खानापूर्ति में लगे हुए। अपने कार्यकाल में बेलतरा के विकास में क्या क्या कार्य किए, उसे प्रमाणित करें अन्यथा सड़कों पर तमाशेबाजी करना बंद करें। जिस सड़क पर धरना दे रहे, उसकी स्वीकृति मिल चुकी सुशांत शुक्ला ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिस सड़क पर बैठ कर कांग्रेसी धरना प्रदर्शन की नौटंकी कर रहे हैं, उन सड़कों के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है, इसलिए जनता इनके बहकावे में कतई नहीं आए। ये सड़क पूरी प्रक्रिया के बाद गुणत्ता के साथ बनेगी। उन्होंने टिप्पणी की कि जिनका नम्बर जनता पहले ही काट चुकी है, वह विकास के नाम पर विधवा विलाप कर रहे हैं।


