भरतपुर। विश्व धरोहर केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान की शान बढ़ाने और पर्यावरण को बचाने के लिए बुधवार को एक अनोखा नजारा देखने को मिला। सुशासन सप्ताह के तहत आयोजित सफाई अभियान में जिला कलेक्टर कमर चौधरी से लेकर आम नागरिक तक, सभी ने झाड़ू और तगारी थामकर पसीना बहाया। ‘पंच गौरव’ थीम पर चले इस अभियान का नेतृत्व खुद जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने किया। उन्होंने न केवल अधिकारियों और कर्मचारियों को हिदायत दी, बल्कि खुद भी हाथ में झाड़ू लेकर सफाई में शामिल हो गए, जिसे देखकर मौजूद लोगों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ। इस अवसर पर डीएफओ चेतन कुमार, अतिरिक्त जिला कलेक्टर घनश्याम शर्मा, राहुल सैनी, नगर निगम आयुक्त श्रवण विश्नोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव, उप निदेशक हरिओम सिंह गुर्जर आदि मौजूद रहे। एक घंटे में इकट्ठा हुआ 4 ट्रॉली कचरा:- यह सफाई अभियान करीब एक घंटे तक चला, जिसमें जिला प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान केवलादेव उद्यान के मुख्य द्वार से लेकर वाहन पार्किंग तक फैले प्लास्टिक, गीले और सूखे कचरे को एकत्र किया गया। खरपतवार और सूखी झाड़ियों को हटाकर पूरे क्षेत्र को साफ किया गया। इस अभियान में कुल मिलाकर लगभग 4 ट्रॉली कचरा इकट्ठा किया गया, जिसका नियमानुसार पृथक्करण कर निस्तारण किया गया। इस मौके पर जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने प्लास्टिक के खतरों के बारे में गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक हमारे पर्यावरण, पक्षियों और वन्यजीवों के लिए नुकसानदाय हैं, जो हमारी मिट्टी, नदियों और जलभराव जैसी समस्याओं को जन्म देता है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि भरतपुर के पर्यटन स्थलों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक यहां से एक सकारात्मक संदेश लेकर जाएं।


