प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के प्रचार-प्रसार और क्रियान्वयन को गति देने के लिए कृषि उपज मंडी समिति, खैरथल के सभागार में गुरुवार को एक विशेष कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला में योजना के तहत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के उन्नयन और नए उद्योगों की स्थापना पर प्रोजेक्ट लागत का 35% (अधिकतम 10 लाख रुपये) अनुदान दिए जाने की जानकारी दी गई। कार्यशाला में एसपीएमयू के टीम सदस्य रिंकू गोयल ने बताया कि योजना के तहत आवेदन करने के लिए पहले प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जाती है, जिसे कृषि विपणन विभाग ऑनलाइन बैंक तक पहुंचाता है। इस प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। बैंक ऋण स्वीकृत करते ही उद्यमियों को मशीनरी और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। मंडी सचिव सुरेंद्र कुमार सैनी ने व्यापारियों, उद्यमियों और नवइच्छुक उद्यमियों को योजना के लाभों से अवगत कराया। उन्होंने बैंकों और एलडीएम से अपील की कि लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। इस पर बैंकों ने समस्याओं को जल्द हल करने का आश्वासन दिया। कार्यशाला में विशेष अतिथियों में प्रियंका प्रजापत, विनोद कुमार चौधरी, नेहा यादव, एलडीएम अनुपम नाथानी, व्यापार समिति अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता, सचिव आयुष गोयल, खैरथल नगर परिषद उप सभापति वरुण डाटा समेत कई व्यापारी, किसान और उद्योग विशेषज्ञ मौजूद रहे। कार्यक्रम में व्यापारियों और किसानों को खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक मशीनरी और तकनीकों की जानकारी दी गई। योजना की विस्तृत जानकारी के लिए कृषि उपज मंडी समिति, खैरथल कार्यालय या जिला रिसोर्स पर्सन से संपर्क किया जा सकता है। सचिव सुरेंद्र कुमार सैनी ने सभी उपस्थितजनों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह योजना न केवल उद्यमियों को सशक्त बनाएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगी।


