भास्कर न्यूज | हजारीबाग अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमी दिवस के अवसर पर भारतीय रिज़र्व बैंक, रांची कार्यालय द्वारा 27 जून को हजारीबाग में विशेष नगर समागम बैठक का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिज़र्व बैंक, झारखंड प्रेम रंजन प्रसाद सिंह ने की। क्षेत्रीय निदेशक सिंह ने अपने सम्बोधन में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), निर्यात और रोजगार में एमएसएमई क्षेत्र के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि हमारे देश में एमएसएमई क्षेत्र एक सशक्त और सुदृढ़ राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के निर्माण के साथ-साथ रोजगार सृजन एवं लोगों के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान करता है। उन्होंने बैंकों एवं अन्य हितधारकों को यह बताया कि एमएसएमई क्षेत्र पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी नये दिशा निर्देश के तहत सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों (एमएसई) को 25 लाख रुपये तक के ऋण के लिए बैंकों का ऋण निर्णय की समय सीमा 14 कार्य दिवस कर दी गयी है। उन्होंने सभी बैंकों से उक्त दिशानिर्देश का पालन सुनिश्चित करने एवं निर्धारित समय सीमा के अंदर ऋण निर्णय लेने का आह्वान किया। क्षेत्रीय निदेशक ने उद्यम पंजीकरण, सीजीटीएमएसई कवरेज, ट्रेडर्स पटल इत्यादि के महत्व एवं लाभों की चर्चा करते हुए कुछ ऐसे तरीकों पर भी प्रकाश डाला जिनसे क्षेत्र की वृद्धि और विकास को सुनिश्चित किया जा सकता है।जैसे डिजिटलीकरण और नवोन्मेषी वित्तपोषण समाधान एमएसएमई इकाइयों का क्षमता निर्माण और वित्तीय साक्षरता, एमएसएमई क्षेत्र के प्रति संवेदनशीलता आदि हैं। कार्यक्रम के दौरान उप महाप्रबंधक, भारतीय रिज़र्व बैंक, राँची कार्यालय ने भी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुये उपस्थित महिलाओं को एमएसएमई क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर उप महाप्रबंधक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति; भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया के आंचलिक प्रबंधक एवं झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के लिए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति एवं झारखंड औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम के अधिकारी द्वारा सत्र भी लिया गया। साथ ही, इस अवसर पर कुछ उद्यमियों ने अपनी उद्यमिता की यात्रा, संघर्ष एवं सफलता के बारे में प्रतिभागियों को अवगत कराया। बैठक में बैंक ऑफ इण्डिया, भारतीय स्टेट बैंक, झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक एवं अन्य बैंकों के शाखा प्रबन्धक भी शामिल हुए। कार्यक्रम में बैंकों तथा जिले एवं राज्य के अन्य कई उद्यमियों ने अपना उत्पाद प्रदर्शन स्टाल भी लगाया। जिला उद्योग केंद्र, हजारीबाग द्वारा उद्यमियों को पंजीकृत करने के लिए भी स्टॉल लगाया गया।


