सूरजपुर के कुदरगढ़ धाम में बारिश का असर:मां बागेश्वरी मंदिर में पानी भरा, मुख्य द्वार बंद, श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध मां बागेश्वरी कुदरगढ़ धाम में लगातार हो रही बारिश ने व्यवस्था बिगाड़ दी है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मंदिर के मुख्य द्वार बंद कर दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, सूरजपुर सहित छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले दो-तीन दिन तक बारिश जारी रह सकती है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई है। पहाड़ी क्षेत्र में स्थित इस प्राचीन मंदिर तक जाने वाले सभी रास्तों पर पानी भर गया है। इससे आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हैं। वे जल्द से जल्द श्रद्धालुओं के लिए मंदिर को फिर से खोलने की कोशिश कर रहे हैं। कुदरगढ़ धाम अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध है। मंदिर के जलमग्न होने की खबर से राज्यभर के श्रद्धालु चिंतित हैं। श्रद्धालुओं के लिए बंद हुए द्वार
लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए जिला प्रशासन ने कुदरगढ़ धाम में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है। मंदिर के मुख्य गेट को बंद कर दिया गया है, और स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर फिसलन और खतरे की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में निराशा
कुदरगढ़ धाम में हर साल हजारों श्रद्धालु मां बागेश्वरी के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन इस बार बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। स्थानीय रहवासियों ने बताया, “हम हर साल मां के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन इस बार बारिश ने सब कुछ बदल दिया। मंदिर तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। जिले में बारिश का व्यापक प्रभाव
सूरजपुर जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन को भी प्रभावित किया है। निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी जमा होने और बिजली आपूर्ति में बाधा जैसी समस्याएं सामने आई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

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