कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान में सरगुजा संभाग के दो जिलों सूरजपुर एवं बलरामपुर में बड़ा फेरबदल हुआ है। सूरजपुर में टीम राहुल की सदस्य एवं युवक कांग्रेस की पूर्व महासचिव रहीं शशि सिंह को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। बलरामपुर जिले में कांग्रेस ने हरिहर प्रसाद यादव को जिलाध्यक्ष बनाया है। शशि सिंह एवं हरिहर यादव दोनों पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव की पहली पसंद नहीं थे। सरगुजा में बालकृष्ण पाठक को फिर से जिलाध्यक्ष बनाया गया है। वे छह माह पूर्व हुए बदलाव में जिलाध्यक्ष बनाए गए थे। उन्हें कंटीन्यू किया गया है। कोरिया जिले में प्रदीप गुप्ता तीसरी बार कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनाए गए हैं। एमसीबी में अशोक श्रीवास्तव फिर से रिपीट किए गए हैं। दोनों नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत के करीबी हैं और दोनों जिलों में महंत की पसंद को तरजीह भी मिली। सूरजपुर में 7 सालों बाद हटाई गई भगवती, शशि को मौका
सूरजपुर में संगठन सृजन अभियान के बाद पिछले 7 सालों से कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रहीं भगवती राजवाड़े को हटा दिया गया है। सूरजपुर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष के लिए 11 दावेदारों में शशि सिंह सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरीं, उन्हें AICC ने जिलाध्यक्ष की जवाबदेही सौंपी है। सूरजपुर जिले में पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव की पहली पसंद भगवती राजवाड़े एवं दूसरी पसंद में नरेश राजवाड़े थे। भगवती राजवाड़े की कार्यप्रणाली को लेकर पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई थी। इसका सीधा असर संगठन सृजन में देखने को मिला है। शशि सिंह कोर्राम टीम राहुल की सदस्य हैं एवं वे राहुल गांधी की पदयात्राओं में शामिल रही हैं। वे जोगी सरकार में राज्यमंत्री रहे तुलेश्वर सिंह की बेटी हैं। शशि सिंह को लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया था, हालांकि वे चुनाव हार गईं। शशि सिंह का नाम कांग्रेस पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं ने प्रथम क्रम में रखा था। बलरामपुर में केपी सिंहदेव हटे, हरिहर यादव को मौका कांग्रेस के संगठन सृजन में बलरामपुर जिले में भी बड़ा फेरबदल हुआ है। यहां टीएस सिंहदेव की पसंद से छह माह पूर्व जिलाध्यक्ष बनाए गए केपी सिंहदेव को हटा दिया गया है। बलरामपुर में हरिहर यादव को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। वे पेशे से वकील हैं। संगठन सृजन कार्यक्रम के दौरान बलरामपुर से भी जिलाध्यक्ष के लिए 11 दावेदारों का नाम सामने आया था। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव की पसंद केपी सिंहदेव थे, लेकिन पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं ने छह माह के कार्यकाल में पुराने पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया था। हरिहर यादव ने केपी सिंहदेव के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्वयं अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की थी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनाए गए हरिहर यादव 40 सालों से कांग्रेस से जुड़े हैं। वे ब्लॉक कांग्रेस कमेटी वाड्रफनगर के अध्यक्ष एवं दो बाहर जिला उपाध्यक्ष रहे हैं। हरिहर यादव की पकड़ सभी खेमों में है। इसका लाभ उन्हें मिला। सरगुजा में बालकृष्ण पाठक को जवाबदेही
सरगुजा जिले में बालकृष्ण पाठक को फिर से जिलाध्यक्ष की जवाबदेही मिली है। टीएस सिंहदेव के करीबी बालकृष्ण पाठक को छह माह पूर्व दूसरी बार जिलाध्यक्ष बनाए गए थे। वे इसके पूर्व वर्ष 2016 से वर्ष 2019 तक सरगुजा कांग्रेस जिलाध्यक्ष की जवाबदेही संभाल चुके हैं। सरगुजा में कांग्रेस के दावेदारों में बालकृष्ण पाठक के अलावे 13 नाम सामने आए थे, हालांकि यहां संगठन बालकृष्ण पाठक के पक्ष में एकतरफा रहा, जिसके कारण बालकृष्ण पाठक को फिर से जिलाध्यक्ष का मौका मिला है। कोरिया-एमसीबी में महंत की पसंद के जिलाध्यक्ष
कांग्रेस ने कोरिया में प्रदीप गुप्ता एवं एमसीबी में अशोक श्रीवास्तव को फिर से जिलाध्यक्ष की जवाबदेही सौंपी है। प्रदीप गुप्ता लगातार तीसरी बार कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनें हैं। वहीं अशोक श्रीवास्तव लगातार दूसरी बार जिलाध्यक्ष बनाए गए हैं। प्रदीप गुप्ता एवं अशोक श्रीवास्तव दोनों छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत के करीबी हैं। हालांकि दोनों जिलाध्यक्षों का सीधा विरोध नहीं दिखा, इस कारण चरण दास महंत ने दोनों को रिपीट करने की मंशा जताई। पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता इसके लिए सहज ही तैयार हो गए।


