सूरजपुर जिले में पंचायत सचिवों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शासकीयकरण की मांग को लेकर 18 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे सचिवों ने सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। रंग मंच परिसर में पंचायत सचिव संघ के सदस्यों ने सरकार द्वारा जारी 24 घंटे के अल्टीमेटम की प्रति को जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। सचिवों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा। संघ ने 1 अप्रैल को पूरे प्रदेश के सचिवों के साथ विधानसभा का घेराव करने की घोषणा की है। सरकार अपने वादे से मुकर रही – प्रदर्शनकारी पंचायत सचिव संघ के सदस्यों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी का हवाला देकर उनके शासकीयकरण का वादा किया था। लेकिन अब वह अपने वादे से मुकर रहे हैं। सचिवों ने यह भी कहा कि आने वाले समय में उनके परिवार के सदस्य भी आंदोलन में शामिल होंगे।


