सूरजपुर जिले में बाल विवाह रोकने की दिशा में एक सराहनीय पहल सामने आई है। अक्षय तृतीया के दिन जिला प्रशासन, एसडीएम, थाना प्रभारी, महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला बाल संरक्षण इकाई की सक्रियता से जिले में एक भी बाल विवाह नहीं हुआ। विकासखंड रामानुजनगर के ग्राम पंचायत सरईपारा में पिछले कुछ वर्षों से बाल विवाह की घटनाएं सामने आ रही थीं। वर्ष 2024 में 4 और वर्ष 2025 में 1 बाल विवाह को जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल के नेतृत्व में रोका गया। परिवारों और ग्रामवासियों को समझाइश दी गई। वर्ष 2025 में सरईपारा में बाल विवाह रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी की टीम ने ग्राम पंचायत और स्कूलों में जागरूकता शिविर आयोजित किए। ग्राम सभा में भी बाल विवाह के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। इस पहल का सकारात्मक प्रभाव दिखा और इस वर्ष मात्र एक बाल विवाह की शिकायत मिली, जिसे तुरंत रोक दिया गया। ग्राम पंचायत के सरपंच, सह अध्यक्ष और ग्राम पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति ने यह पहल की है कि 18 वर्ष से अधिक उम्र में विवाह करने वाली लड़कियों को 2000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।


