सूरजपुर जिले में एक बच्चे को होमवर्क न करने पर पेड़ से लटकाने की घटना के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी ने 32 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी है। जांच में पाया गया कि ये सभी स्कूल निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। खासकर ये स्कूल खेल के मैदान के बिना संचालित हो रहे थे, जो कि नियमों का उल्लंघन है। संयुक्त कलेक्टर पुष्पेंद्र शर्मा ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी सभी स्कूलों की सख्त जांच की जाएगी जो सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करती हैं। ये है पूरा मामला नारायणपुर के हंसवानी विद्या मंदिर में नर्सरी से आठवीं तक के छात्र पढ़ते हैं। जानकारी के अनुसार, सोमवार को जब स्कूल खुला तो बच्चे समय पर स्कूल पहुंचे। इसी बीच नर्सरी क्लास में जब पढ़ाई शुरू हुई तो टीचर काजल साहू ने होमवर्क चेक किया। इसी दौरान एक छात्र ने अपना होमवर्क पूरा नहीं किया था। रस्सी के सहारे पेड़ से घंटों तक लटकता रहा बच्चा इसपर टीचर काजल साहू बच्चे पर भड़क गई। टीचर ने बच्चे को सजा के तौर पर क्लास से बाहर निकाल दिया। इसके बाद स्कूल परिसर में एक पेड़ से रस्सी के सहारे उसे को लटका दिया। बच्चा रस्सी के सहारे घंटों लटकता रहा। इस दौरान बच्चा रोता रहा, टीचर से उसे छोड़ने के लिए कहता रहा, लेकिन उन्होंने बच्चे की बिल्कुल भी नहीं सुनी। शिक्षिका को किया गया बर्खास्त इस मामले में शिक्षिका काजल साहू को बर्खास्त कर दिया गया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में स्कूल के बच्चों ने बताया था कि शिक्षिका उन्हें कभी-कभी कुएं में भी लटका देती थी। वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने तुरंत विभागीय अधिकारियों को स्कूल भेजा। विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने जांच कर अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी।


