सेंट्रल जोन ने 11 साल बाद दलीप ट्रॉफी 2025 का खिताब जीत लिया है। टीम ने फाइनल में साउथ जोन को 6 विकेट से हराया। सेंट्रल जोन सातवीं बार दलीप ट्रॉफी चैंपियन बना है। इससे पहले 2014 में यह खिताब सेंट्रल जोन ने जीता था। सेंट्रल जोन को जीत के लिए महज 65 रन का टारगेट मिला था। टीम ने सोमवार को मुकाबले के पांचवें और आखिरी दिन 4 विकेट खोकर यह टारगेट हासिल कर लिया। इससे पहले, चौथे दिन साउथ जोन अपनी दूसरी पारी में 426 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। सेंट्रल जोन को महज 65 रन का टारगेट ही मिल सका। बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड पर गुरुवार को सेंट्रल जोन ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग चुनी। साउथ जोन पहली पारी में 149 रन ही बना सका। सेंट्रल जोन ने पहली पारी में 511 रन बनाकर 362 रन की बढ़त हासिल की थी। दूसरी पारी में सेंट्रल जोन ने 4 विकेट गंवाए
सेंट्रल जोन ने दूसरी पारी में 65 रन बनाने में ही 4 विकेट गंवा दिए। हालांकि टीम ने यह मैच 6 विकेट से जीत लिया। टीम के लिए दूसरी पारी में अक्षय वाडकर 19 और यश राठौड़ 13 रन बनाकर नाबाद रहें। कप्तान रजत पाटीदार ने 13, शुभम शर्मा ने 8, दानिश मालेवार ने 5 और सारांश जैन ने 4 रन बनाए। साउथ जोन की ओर से गुरजापनीत सिंह और अंकित शर्मा ने 2-2 विकेट लिए। सेंट्रल जोन के सारांश जैन ने टूर्नामेंट में 16 विकेट और 136 रन बनाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। 194 रन बनाने वाले यश राठौड़ को प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला। दूसरी पारी में साउथ जोन ने फाइट दिखाई
दूसरी पारी में साउथ जोन से तन्मय अग्रवाल ने 26, मोहित काले ने 38, रविचंद्रन स्मरण ने 67 और रिकी भुई ने 45 रन की पारी खेली। कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन 27 और सलमान निजार 12 रन बनाकर आउट हुए। साउथ जोन ने 222 रन के स्कोर पर 6 विकेट गंवा दिए। यहां टीम पर पारी की हार की खतरा मंडरा रहा था। तब आंद्रे सिद्धार्थ और अंकित शर्मा ने सेंचुरी पार्टनरशिप की और टीम को 400 के पार पहुंचा दिया। अंकित 99 रन बनाकर आउट हुए, उनके विकेट के बाद टीम बिखर गई। कार्तिकेय को 4 विकेट
गुरजपनीत सिंह 3 रन बनाकर आउट हुए, वहीं एमडी नीधेश और वासुकी कौशिक खाता भी नहीं खोल सके। सिद्धार्थ 84 रन बनाकर नॉटआउट रहे और टीम 426 पर सिमट गई। पहली पारी में बढ़त के आधार पर सेंट्रल जोन को 65 रन का टारगेट मिला। टीम से कुमार कार्तिकेय ने 4 और सारांश जैन ने 3 विकेट लिए। कुलदीप सेन और दीपक चाहर को 1-1 विकेट मिला। एक बैटर रन आउट भी हुआ। गुरजपनीत और अंकित ने 4-4 विकेट झटके
सेंट्रल जोन ने पहली पारी में 511 रन बनाए। टीम की ओर से यश राठौड़ ने 194 और कप्तान रजत पाटीदार ने 101 रन की पारी खेली। उनके अलावा, दानिश मालेवार 53, ओपनर अक्षय वाडकर 22, शुभम शर्मा 6 और उपेंद्र यादव 5 रन बनाकर आउट हुए। साउथ जोन के लिए गुरजपनीत सिंह और अंकित शर्मा ने 4-4 विकेट झटके। एमडी निधेश और वासुकी कौशिक को 1-1 विकेट मिला। साउथ जोन पहली पारी में 149 रन पर ऑलआउट
साउथ जोन पहली पारी में 149 रन पर ही सिमट गई। टीम के लिए कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। टीम के लिए तन्मय अग्रवाल ने सबसे ज्यादा 31 रन बनाए। उनके अलावा सलमान निजार 24, अंकित शर्मा 20, रिकी भुई 15 और एमडी निधेश 12 रन बनाए। सेंट्रल जोन की ओर से सारांश जैन ने 5 और कुमार कार्तिकेय ने 4 विकेट झटके। सेंट्रल जोन सातवीं बार चैंपियन बना
मुंबई शुरुआत से भारतीय क्रिकेट का सेंटर रहा है। मुंबई वेस्ट जोन में आता है, लिहाजा दलीप ट्रॉफी में वेस्ट की टीम को इसका काफी फायदा भी हुआ। सबसे ज्यादा 19 बार वेस्ट जोन ने ही खिताब जीता है। टीम ने शुरूआती चारों सीजन अपने नाम किए थे। नॉर्थ जोन 18 बार इस ट्रॉफी को जीत चुकी है। वहीं, सेंट्रल जोन सातवीं बार चैंपियन बना है। _____________________ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… सूर्या ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया:टीम इंडिया ड्रेसिंग रूम गई, दरवाजा बंद कर लिया; निराश पाक कप्तान प्रेजेंटेशन सेरेमनी में नहीं पहुंचे भारत ने रविवार को दुबई में खेले गए एशिया कप मुकाबले में पाकिस्तान को सात विकेट से हरा दिया। इस मैच में टॉस के दौरान या जीत के बाद किसी भारतीय खिलाड़ी ने पाकिस्तानी खिलाड़ी से हाथ नहीं मिलाया। इससे निराश होकर पाकिस्तान कप्तान सलमान आगा मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में ही शामिल नहीं हुए। पूरी खबर


