रायपुर के प्रमुख कैथोलिक समुदायों में से एक सेंट मैरी पैरिश अपने इतिहास का एक महत्वपूर्ण पर्व मनाने जा रहा है। मदर मैरी को समर्पित नवीनीकृत चर्च और ग्रोटो का आशीर्वाद समारोह 24 नवंबर को सुबह 10:30 बजे रायपुर के महाधर्माध्यक्ष मोस्ट रेव. विक्टर हेनरी के नेतृत्व में सम्पन्न होना तय है। इतिहास की एक झलक सेंट मैरी चर्च, टाटीबंध की स्थापना 1967 में हुई थी और आज यहां लगभग 1200 कैथोलिक विश्वासी रहते हैं। श्रद्धेय फादर एडवर्ड डी. मोल्डर पल्ली पुरोहित के रूप में सेवा दी है । वर्तमान में श्रद्धेय फादर जोसेफ वैपामाड़म पल्ली पुरोहित के रूप में सेवा दे रहे हैं। विकास और प्रगति सन 1999 में नए राज्य छत्तीसगढ़ के गठन के बाद कैथोलिकों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए एक नए चर्च के निर्माण की आवश्यकता महसूस की गई और नए गिरजाघर का निर्माण वर्ष 2000 में किया गया। रायपुर शहर के विस्तार और एम्स रायपुर की स्थापना के बाद टाटीबंध में जनसंख्या और अधिक बढ़ी, जिससे पैरिश की आवश्यकताएं भी बढ़ीं। इसी कारण अगस्त 2024 में चर्च के निर्माण और विस्तार कार्य की शुरुआत की गई और आज एक बहुत ही भव्य और मनमोहक चर्च बनकर तैयार है। विश्वासियों की ओर से निर्मित चर्च वर्तमान चर्च का पूरा निर्माण कार्य विश्वासियों के उदार योगदान से पूरा हुआ है। कई जाति और धर्म के लोगों ने मिलकर इस सुंदर और आकर्षक चर्च का सपना साकार किया। सम्पूर्ण कार्य के सफल संचालन में केवी जोसेफ का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने सभी कार्यों का समन्वय बड़ी लगन से किया। आशीर्वाद और कृतज्ञता का दिवस आज के इस पावन अवसर पर चर्च और ग्रोटो के आशीर्वाद के साथ टाटीबंध की समूची समुदाय ईश्वर की अनुकम्पा और प्रेम की साक्षी बनी। यह केवल भवन का नवीनीकरण नहीं, बल्कि समुदाय के आध्यात्मिक जीवन के नवीनीकरण का भी प्रतीक है।


