मंडी में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (सीपीआई-एम) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को सेरी चांदनी में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कमेटी ने शहरवासियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) को एक मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में पीने के पानी के बिलों की अनियमितता का मुद्दा उठाया गया। कमेटी ने बताया कि पिछले छह महीनों से पानी के बिल नहीं आ रहे हैं। और जब आते हैं तो वे तीन महीने के इकट्ठे होते हैं, जिससे शहरवासियों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। सीपीआई-एम ने जल शक्ति विभाग से हर महीने नियमित रूप से बिल जारी करने की मांग की। स्मार्ट मीटर न लगाए जाने की मांग सीपीआई-एम लोकल कमेटी के सचिव सुरेश सरवाल सहित राजेश शर्मा, रमेश गुलरिया, गोपेंद्र, सुरेंद्र, प्रवीण, दीपक, सुनीता, अंकुर और पविंदर ने शहर में स्मार्ट मीटर न लगाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि शहर की गलियां बिजली के तारों के जाल से भरी हुई हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। कमेटी ने इन तारों के जाल को हटाने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक पर भी चिंता जताई। कुत्तों के काटने की घटनाओं में वृद्धि के कारण आम जनता परेशान है। कमेटी ने प्रशासन से इस समस्या के समाधान के लिए एक विशेष नीति बनाने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, मुहल्लों में जगह-जगह कूड़ा फेंकने पर कड़ी निगरानी रखने की मांग की गई ताकि रास्ते साफ रहें। कमेटी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे भविष्य में और उग्र आंदोलन करेंगे।


