गंगापुर सिटी के सीत्तौड़ा गांव की 65 वर्षीय कमला देवी को मजदूरी का झांसा देकर बुलाने और 8 अक्टूबर को अपहरण कर सुनसान जगह पर ले जाकर दोनों पैर काटकर चांदी के कड़े लूटने वाला आरोपी रविवार देर रात पुलिस की गिरफ्त से भाग निकला। वारदात के दौरान आरोपी रामोतार बैरवा की महिला मित्र तनु जो रूपवास कस्बे के भैंसा गांव की रहने वाली है। उसने कमला देवी की छाती पर बैठकर मुंह दबाया था, जबकि रामोतार ने दोनों पैर काटकर चांदी के कड़े निकाल लिए थे। रामोतार और महिला मित्र तनु को जयपुर की प्रताप नगर थाना पुलिस पूछताछ के बाद गंगापुर सिटी वापस ले जा रही थी। रात अधिक होने पर पुलिस ने सेवर थाने में ठहराव किया। इसी दौरान 1:50 बजे आरोपी बंदी गृह से शौच जाने का बहाना बनाकर संतरी को चकमा देकर फरार हो गया। एसएचओ सतीश चंद शर्मा ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए टीमें लगाई गई हैं। मूल रूप से प्रयागराज की तनु की शादी भैंसा गांव में हुई थी। उसका अपराध से पुराना नाता रहा है। करीब आठ माह पहले वह अपने तथाकथित प्रेमी रामोतार के साथ घर छोड़कर चली गई थी। उसके दो बच्चे हैं जिन्हें वह गांव में ही छोड़ गई। अब वही आरोपी, जिसने बुजुर्ग महिला के दोनों पैर काटकर चांदी के कड़े लूटे थे,रामोतार सेवर थाने से फरार हो गया है। केस-1 : हवालात का जाल तोड़कर भाग गया था आरोपी रामोतार 17 जून 2014 को गिरफ्तार रामोतार उर्फ काडू बैरवा को पुलिस ने थाना सांगानेर से पीसी रिमांड पर लेकर आया था। रात में उसे थाना मानटाउन की हवालात में रखा गया। लेकिन अगले दिन 18 जून की सुबह पता चला कि आरोपी लैट्रिन का जाल तोड़कर फरार हो गया था। इसके साथ ही दो अन्य जगहों पर चोरी की वारदात भी कर चुका है। केस-2 : कब्रिस्तान के पीछे मिली महिला की लाश, पैर काटकर कड़े लूटे 11 जून 2014 की सुबह सांगानेर रेलवे स्टेशन के पास कब्रिस्तान के पीछे मैदान में एक महिला शव अवस्था में मिली। उसके गले में साड़ी का फंदा था और दोनों पैर टखनों के ऊपर से कटे हुए थे। पास में पैर काटने का औजार भी बरामद हुआ। महिला के नाक-मुंह से खून बह रहा था, और हत्या के बाद आरोपी ने पैरों को काटकर चांदी के कड़े लूट लिए थे। केस-3 : 6 दिन बाद दो वारदातों को दिया अंजाम, जंगल में मिला कमली का कंकाल पहली घटना के महज 6 दिन बाद ही 17 जून 2014 को आरोपी रामोतार उर्फ काडू बैरवा ने मजदूरी के बहाने कमली को अपने साथ ले जाकर हत्या कर दी थी। कमली के पैरों में 750 ग्राम की चांदी के कड़े थी। वारदात के बाद उसने पैर काटकर चांदी की कड़े लूट लिए। करीब एक महीने बाद मोरकुंड, रणथंभौर के जंगल से कमली का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। रविवार रात करीब 1:50 बजे आरोपी रामोतार ने पेट दर्द और शौच की शिकायत की। ड्यूटी पर तैनात संतरी जगदीश उसे शौचालय तक लेकर गया और बाहर पहरे पर खड़ा रहा। अंदर जाते ही आरोपी ने चालाकी दिखाते हुए नल खोल दिया ताकि बाहर खड़े संतरी को लगे कि वह शौच कर रहा है। इसी दौरान संतरी को लगा कि किसी ने आवाज दी है। कुछ सेकेंड के लिए वह गेट से हटकर आवाज सुनने की कोशिश करने लगा। इसी मौके का फायदा उठाकर आरोपी पहले से जान-पहचान वाले थाने की लोकेशन का इस्तेमाल कर फरार हो गया। संतरी तुरंत वापस शौचालय के सामने आकर पहरे पर खड़ा हो गया। लेकिन जब अधिक समय बीतने पर उसने आरोपी को आवाज दी और कोई जवाब नहीं मिला, तब शौचालय में देखा तो आरोपी गायब था। दरअसल, रामोतार पहले भी सेवर थाने पर ओपन बंदी रह चुका था और थाने की लोकेशन से अच्छी तरह वाकिफ था। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने संतरी को चकमा दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संतरी जगदीश पूरी ईमानदारी से ड्यूटी निभाता है। आरोपी की फरारी उसकी चालाकी और पहले से थाने की जानकारी का नतीजा है, संतरी की लापरवाही नहीं।


