सेवाधाम ईश्वरीय करूणा की साक्षात अभिव्यक्ति- डॉ. जोशी

हर व्यक्ति के लिए सेवाधाम में आना इसलिए जरूरी है, क्योंकि यहां आकर उसे साक्षात्कार होता है कि जीवन में कितना कुछ है करने को और हम कुछ भी नहीं कर पाते। सेवाधाम आश्रम ईश्वरीय करूणा की साक्षात अभिव्यक्ति है जो हमें यहां देखने को मिलती है और यह भी हमें समझ आता है कि ईश्वरीय ऊर्जा कितनी साक्षात है। जो समझते थे कि उनका जीवन नारकीय है वे आज यहां आकर एक ईश्वरीय अनुभूति करते हैं, अपने आप को खोजते हैं। यह बात इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र नई दिल्ली के सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने सेवाधाम आश्रम में कही। वे अपनी पत्नी मालविका जोशी के यहां पहुंचे। आश्रम के संस्थापक सुधीर भाई ने आश्रम में हो रहे सेवाकार्यों का अवलोकन कराया व बच्चों, युवाओं व बुजुर्गों से मुलाकात करवाई। डॉ. जोशी यहां निवासरत 1100 से अधिक पारिवारिक सदस्यों की सेवा को देख अभिभूत हो गए। इस अवसर पर संदीप कुलश्रेष्ठ भी साथ थे। डॉ. जोशी ने आश्रम के सेवाकार्यों की सराहना करते हुए कहा कि निश्चित तौर पर मैं यहां आकर धन्य हुआ। मुझे भी अपने आप को खोजने की शक्ति प्राप्त हुई। इस अवसर पर आश्रम की परंपरानुसार मंगल तिलक, मालवी पगड़ी एवं दुपट्टे से उनका सम्मान किया गया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *