सिटी रिपोर्टर | बीकानेर जहां समाज की पीड़ा को समझकर समाधान का मार्ग निकले, वही सच्ची साधना है। बीकानेर के उदासर क्षेत्र में शुक्रवार को ऐसा ही एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी क्षण देखने को मिला, जब परम पूज्य गच्छाधिपति पद्मश्री विभूषित आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय नित्यानंद सूरीश्वर महाराज की पावन निश्रा में अनेकांत विहार का लोकार्पण हुआ। यह केवल भवन का उद्घाटन नहीं, बल्कि समाज की आत्मा को संबल देने वाला सेवा-प्रकल्प है, जिसमें 76 जरूरतमंद जैन परिवारों को मात्र 10 रुपए प्रतिमाह में आवास उपलब्ध कराया जाएगा। शुक्रवार को उदासर में ग्राम पंचायत रोड पर स्थित अनेकांत विहार परिसर में धर्म, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनुपम संगम देखने को मिला। बैंडबाजों की मधुर धुन, पग-पग वंदन के घोष और श्रद्धालुओं की भावभीनी उपस्थिति के बीच परम पूज्य गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय नित्यानंद सूरीश्वर महाराज आदि ठाणा का पावन आगमन हुआ। लोकार्पण समारोह की शुरुआत गुरु वंदन से हुई। थव थुई मंगलम भजन की भावपूर्ण प्रस्तुति अलका डागा टीम और रौनक कोचर द्वारा दी गई, जिसने वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। श्रद्धालुओं को मंगल वाणी देते हुए आचार्यश्री विजय नित्यानंद सूरीश्वर महाराज ने कहा, एक पलड़े में जीवनभर की साधना, तप, दान-पुण्य रख दो और दूसरे पलड़े में साधर्मिक भक्ति रख दो, दोनों समान हो जाएंगे। भगवान महावीर के शासन में साधर्मिक भक्ति सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि आंखों से किए गए परमात्मा के दर्शन तब तक सार्थक नहीं होते, जब तक हाथ दुख में डूबे साधर्मिक को सहारा न दें। रोते चेहरों को हंसाने वाला ही सच्चा इंसान है और पतझड़ में बसंत लाना ही जीवन की वास्तविक उपलब्धि है। समाज के लिए समाज द्वारा बना आशियाना श्री अनेकांत विहार केवल भवन नहीं, बल्कि एक सुविचारित सामाजिक मॉडल है। श्री जनमंगल फाउंडेशन, बीकानेर द्वारा मुनिश्री अनेकांत विजयश्री महाराज की स्मृति में तथा स्व. केसरीचन्द कोचर (मकडजी), स्व. लालचन्द सुराणा और स्व. राजेन्द्र प्रसाद कोचर की प्रेरणा से इस प्रकल्प का निर्माण किया गया। करीब 5000 गज से अधिक भूमि पर बने इस विहार में 76 फ्लैट (1 बीएचके व 2 बीएचके) निर्मित किए गए हैं। इन फ्लैटों को जैन समाज के जरूरतमंद परिवारों को मात्र 10 रुपए प्रतिमाह टोकन राशि पर तीन वर्षों के लिए दिया जाएगा।


