सेवा केंद्रों के वॉशरूम पर लगा ताला, हर जगह एक ही जवाब-पानी नहीं है

भास्कर न्यूज | लुधियाना लुधियाना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से वॉशरूम के नाम पर अवैध वसूली करने के मामले में रेलवे अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई की है। जांच के बाद ठेकेदार पर 60 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। रेलवे नियमों के अनुसार स्टेशन परिसर में वॉशरूम सेवा पूरी तरह निशुल्क है, जबकि टॉयलेट इस्तेमाल करने के लिए अधिकतम 5 रुपए का ही शुल्क तय किया गया है। इसके बावजूद यात्रियों से वॉशरूम जाने के लिए भी पैसे वसूले जा रहे थे। शिकायतें मिलने के बाद रेलवे अधिकारियों ने मौके पर जांच की, जिसमें ओवरचार्जिंग की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने बताया कि वसूली के कारण कई यात्री वॉशरूम का इस्तेमाल करने से बचने लगे थे। मजबूरी में लोग प्लेटफॉर्म के कोनों या स्टेशन के आसपास खुले में शौच के लिए जाने लगे, जिससे स्टेशन परिसर की साफ-सफाई और स्वच्छता पर असर पड़ रहा था। रेलवे प्रशासन ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और ठेकेदार पर जुर्माना लगाया। साथ ही साफ निर्देश दिए गए हैं कि आगे से तय शुल्क से ज्यादा पैसे लिए गए तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 26 नवंबर को पहली शिकायत पर 10 हजार, 9 दिसंबर को दूसरी शिकायत पर 20 हजार और 12 दिसंबर को तीसरी शिकायत पर 30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। भास्कर न्यूज |लुधियाना हर में आम जनता की सुविधा के लिए बनाए गए सेवा केंद्र खुद ही अव्यवस्थाओं का शिकार हो गए हैं। कड़ाके की ठंड में जब लोग आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जरूरी कामों के लिए सेवा केंद्रों में पहुंचते हैं, तो उन्हें घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान अगर किसी को वॉशरूम की जरूरत पड़ जाए, तो उसे इधर-उधर भटकना पड़ता है। वजह साफ है—सेवा केंद्रों में बने पब्लिक वॉशरूम पर ताले लगे हुए हैं। हैरानी की बात ये है कि सरकार ने जिन वॉशरूमों को जनता के इस्तेमाल के लिए बनवाया, वे सिर्फ सेवा केंद्र के कर्मचारियों द्वारा ही उपयोग किए जा रहे हैं। वॉशरूम पर ताला लगा रहता है और जब किसी कर्मचारी को जरूरत होती है, तो वह चाबी लेकर अंदर जाता है, जबकि आम जनता मजबूरी में बाहर वॉशरूम तलाश करती रहती है। दैनिक भास्कर टीम ने जब दुगरी स्थित सेवा केंद्र का दौरा किया, तो वहां भी पब्लिक वॉशरूम पर ताला लगा मिला। जब इस बारे में कर्मचारियों से पूछा गया, तो जवाब मिला कि पिछले एक सप्ताह से पानी नहीं आ रहा, इसलिए बंद है। सेवा केंद्र में आई शैली गुप्ता ने कहा कि वह आधार कार्ड अपडेट करवाने आई थीं और उन्हें शुगर की बीमारी है। उन्होंने बताया, ‘लाइन में खड़े-खड़े मुझे वॉशरूम जाना था, लेकिन ताला लगा देखकर पास के मंदिर में जाना पड़ा। फिर वापस आकर काम करवाया। सरकार ने इतने बड़े-बड़े सेवा केंद्र बनाए हैं, लेकिन वॉशरूम बंद हैं, यह समझ से बाहर है।’ भास्कर टीम ने जब हैबोवाल सेवा केंद्र का निरीक्षण किया, तो वहां भी वही हालात देखने को मिले। वॉशरूम पर ताला और वही जवाब‘पानी नहीं है’। दरेसी सेवा केंद्र में भी स्थिति अलग नहीं थी। हर जगह पब्लिक के लिए बने वॉशरूम बंद मिले, जिससे खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर मुद्दे पर जब एडीसी राकेश कुमार से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि इस मामले की तुरंत जांच करवाई जाएगी। उन्होंने माना कि अगर जनता को असुविधा हो रही है तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एडीसी ने तुरंत संबंधित सेवा केंद्र इंचार्जों को निर्देश दिए कि सभी वॉशरूम की जांच की जाए और उन्हें जल्द से जल्द जनता के लिए खोला जाए।

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